
बिजनौर: उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के मंडावर थाना क्षेत्र से एक बेहद दिल दहला देने वाली और अमानवीय घटना सामने आई है। यहाँ दो पक्षों के बीच हुए झगड़े के दौरान एक किशोर ने छह साल के मासूम बच्चे को पशुओं (भैंसों) के दूध उतारने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली सिरिंज से ‘ऑक्सीटोसिन’ का जहरीला इंजेक्शन लगा दिया। इस जानलेवा कृत्य के बाद बच्चे की तबीयत लगातार बिगड़ती चली गई और शुक्रवार सुबह मेरठ के अस्पताल में इलाज के दौरान मासूम ने दम तोड़ दिया। इस दर्दनाक मौत के बाद पीड़ित परिवार में कोहराम मचा हुआ है, वहीं पूरे इलाके में भारी तनाव और रोष का माहौल है।
मदरसे से लौट रही बहन के विवाद में बीच में आया था मासूम
मिली जानकारी के मुताबिक, मंडावर के मोहल्ला कस्सावान निवासी गुलजार (जो मसूरी में कबाड़ का काम करते हैं) के परिवार के साथ यह भयानक हादसा हुआ। रविवार शाम उनकी 13 वर्षीय बेटी सोजी मदरसे से पढ़कर घर लौट रही थी। तभी रास्ते में मोहल्ले के ही एक 14 वर्षीय किशोर ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। बहन की चीख-पुकार सुनकर मां रेशमा और उनका 6 वर्षीय छोटा बेटा रुहान भी मौके पर दौड़ पड़े। इसी बीच आरोपी के परिवार वाले भी वहां आ गए और दोनों पक्षों में तीखी झड़प होने लगी। आरोप है कि इसी आपाधापी और झगड़े के बीच आरोपी पक्ष के लोग मासूम रुहान को खींचकर अपने घर के भीतर ले गए और वहां एक किशोर ने रुहान के पेट में भैंसों को लगाया जाने वाला ऑक्सीटोसिन (Oxytocin) इंजेक्शन जबरन घोंप दिया।
अगले दिन से बिगड़ने लगी हालत, शरीर में होने लगी ऐंठन
रुहान के पिता गुलजार ने बताया कि वारदात के वक्त तो तुरंत कुछ समझ नहीं आया, लेकिन अगले ही दिन से मासूम रुहान के शरीर में तेज ऐंठन होने लगी और उसकी हालत बिगड़ने लगी। घबराए परिजनों ने पहले उसे स्थानीय निजी डॉक्टरों को दिखाया। बुधवार को जब रुहान की तबीयत बेहद गंभीर हो गई, तो उसे तत्काल बिजनौर के मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया।
इलाज के दौरान तोड़ा दम
बिजनौर के डॉक्टरों ने बच्चे की नाजुक हालत को देखते हुए उसे हायर सेंटर मेरठ के लिए रेफर कर दिया था। जहाँ शुक्रवार सुबह करीब 9 बजे जिंदगी और मौत की जंग लड़ते हुए रुहान ने दम तोड़ दिया। मौत से पहले मासूम ने अपनी मां को रोते हुए बताया था कि भैया ने उसके पेट में सुई (इंजेक्शन) चुभाई थी।
मोहल्ले वालों ने करा दिया था समझौता, अब पुलिस जांच में जुटी
चौंकाने वाली बात यह है कि रविवार को हुई इस मारपीट के बाद मां रेशमा ने मंडावर थाने में तहरीर दी थी, लेकिन उस वक्त मोहल्ले के कुछ रसूखदार लोगों ने बीच में पड़कर दोनों पक्षों का आपस में समझौता करा दिया था। तब किसी को अंदाजा नहीं था कि मारपीट का यह मामला एक मासूम की जान ले लेगा। बच्चे की मौत के बाद पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पीड़ित पिता गुलजार की ओर से दी गई नई तहरीर के आधार पर पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए हत्या और संबंधित धाराओं में जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश की जा रही है।









