
नई दिल्ली: INS महेंद्रगिरी को आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में नेवल डॉकयार्ड में नेवी में शामिल किया गया। इस कमीशनिंग सेरेमनी में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी शामिल हुए। बता दें कि यह प्रोजेक्ट – 17A छठा स्वदेशी स्टील्थ फ्रिगेट है। इसका नाम पहले के घाट या महेंद्रगिरी पर्वत श्रृंखला के नाम पर रखा गया है, जो शक्ति, ताकत और पक्के इरादे का प्रतीक है। यह नेवी का पहला वॉरशिप है जिसका नाम महेंद्रगिरी रखा गया है।
आंध्र प्रदेश बनेगा ड्रोन हब
विशाखापत्तनम नेवल डॉकयार्ड में INS महेंद्रगिरी की कमीशनिंग सेरेमनी में डिफेन्स मिनिस्टर राजनाथ सिंह ने कहा कि मैंने पहले भी कुरनूल में 8 ड्रोन कंपनियों के ग्रुप की ‘ड्रोन सिटी’ बनाने की बात कही थी। जैसे सूरत को ‘डायमंड सिटी’ और बैंगलोर को देश की ‘सिलिकॉन वैली’ के नाम से जाना जाता है, मुझे यकीन है कि एक दिन यह इलाका देश के ‘ड्रोन हब’ के तौर पर पहचाना जाएगा।
डिफेन्स मिनिस्टर ने आगे कहा कि इस अद्भुत कॉम्बिनेशन को देखिए आसमान में AMCA (एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट), समुद्र की गहराई में BDL (भारत डायनेमिक्स लिमिटेड) के नेवल सिस्टम, बिना पायलट वाले इलाके में कुरनूल के ड्रोन और आज समुद्र की सतह पर INS महेंद्रगिरी। इसका मतलब है कि आज आंध्र प्रदेश हवा, पानी, ज़मीन और बिना पायलट वाले इलाकों में हर जगह भारत की रक्षा क्षमताओं में योगदान दे रहा है। मैं इस उपलब्धि के लिए आंध्र प्रदेश सरकार और इस इलाके के लोगों को दिल से बधाई देता हूं।
नेवी के लिए 40 से ज़्यादा जहाज़ बन रहे
बता दें कि अभी नेवी के लिए 40 से ज़्यादा जहाज़ बन रहे हैं। देसी जहाज़ लगातार नेवी की ताकत बढ़ा रहे हैं। INS महेंद्रगिरी के शामिल होने से फ्रिगेट की संख्या 20 हो गई है। महेंद्रगिरी को नेवी के वॉरशिप डिज़ाइन ब्यूरो ने डिज़ाइन किया था और इसे मुंबई के मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड ने बनाया था। इसमें दुश्मन की पकड़ से बचने के लिए एडवांस्ड स्टेल्थ टेक्नोलॉजी, बेहतर सिक्योरिटी, कम रडार डिटेक्शन और हाई लेवल का ऑटोमेशन है। यह जहाज़ नेवी वॉरफेयर के सभी तरह के ऑपरेशन करने में सक्षम है।









