
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की 68500 शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में शामिल हजारों ओबीसी (OBC) अभ्यर्थियों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग ने अपना रुख साफ करते हुए इस भर्ती में ओबीसी वर्ग के अभ्यर्थियों को 5 प्रतिशत अर्हता (Qualifying marks) में छूट देने की अपनी पुरानी संस्तुति को बरकरार रखा है।
उत्तर प्रदेश की 68500 शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में शामिल हजारों ओबीसी (OBC) अभ्यर्थियों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग ने अपना रुख साफ करते हुए इस भर्ती में ओबीसी वर्ग के अभ्यर्थियों को 5 प्रतिशत अर्हता (Qualifying marks) में छूट देने की अपनी… pic.twitter.com/WIwRm0kefK
— भारत समाचार | Bharat Samachar (@bstvlive) July 11, 2026
आयोग ने इस मामले में स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा है कि नियमों के अनुरूप ओबीसी अभ्यर्थियों को इस छूट का लाभ मिलना चाहिए और इसके लिए भर्ती का संशोधित परिणाम जारी किया जाना अनिवार्य है। लंबे समय से यह मामला विवादों में था, जहाँ अभ्यर्थी लगातार अपनी मांगों को लेकर मुखर थे। अब आयोग द्वारा अपनी सिफारिश को पुनः दोहराने से अभ्यर्थियों में न्याय की उम्मीद जाग गई है।
राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग का कहना है कि नियमों के तहत आरक्षण और अर्हता में छूट देना संवैधानिक अधिकार है, और इसे अनदेखा नहीं किया जा सकता। आयोग की इस सख्त संस्तुति के बाद अब बेसिक शिक्षा विभाग पर दबाव बढ़ गया है। विभाग को अब जल्द ही इस पर निर्णय लेना होगा कि वे संशोधित परिणाम जारी करने की दिशा में क्या कदम उठाते हैं।
यह भर्ती मामला पिछले कई वर्षों से कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में उलझा हुआ था। ओबीसी संगठनों और अभ्यर्थियों ने इसे बड़ी जीत बताते हुए सरकार से आयोग की सिफारिशों को तत्काल लागू करने की मांग की है। अब देखना यह होगा कि शिक्षा विभाग इसे किस प्रकार क्रियान्वित करता है।









