उत्तराखंड में पेपर लीक से मचा हड़कंप, एग्जाम से पहले छात्रों तक पहुंचा पेपर, जांच के बाद UTU ने रद्द की दो परीक्षाएं

देहरादून : NEET पेपर लीक मामले में पूरे देश में मचे भारी बवाल के बाद वही अब वीर माधो सिंह भंडारी उत्तराखंड टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी (UTU) में परीक्षा से पहले क्वेश्चन पेपर लीक होने का मामला सामने आया है. वही जांच के बाद यूनिवर्सिटी ने दो सब्जेक्ट्स की परीक्षाएं कैंसिल कर दी हैं.

मामले में क्वेश्चन पेपर तैयार करने वाले देहरादून के शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के असिस्टेंट प्रोफेसर आशीष कुमार गुप्ता को सात साल के लिए परीक्षा से जुड़े काम से बैन कर दिया गया है.

इवन सेमेस्टर परीक्षाओं का मामला

पूरा मामला सेमेस्टर 2025-26 के इवन सेमेस्टर परीक्षाओं का है. यूनिवर्सिटी को इंटरनेट ऑफ थिंग्स के लिए मैकेनिकल लर्निंग के क्वेश्चन पेपर को लेकर शिकायत मिली थी. शिकायत के बाद यूनिवर्सिटी ने एक हाई लेवल जांच कमेटी बनाई. इसके साथ ही संबंधित इंस्टीट्यूट शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग ने भी अपने लेवल पर मामले की जांच की.

WhatsApp के जरिए सवाल शेयर किए थे

जांच रिपोर्ट में पता चला कि सब्जेक्ट के एक्सटर्नल क्वेश्चन पेपर बनाने वाले आशीष कुमार गुप्ता ने परीक्षा से पहले स्टूडेंट्स के इंटरनल पोर्टल और WhatsApp के जरिए सवाल शेयर किए थे. स्क्रूटनी कमेटी ने इसे एग्जामिनेशन सिस्टम, कॉन्फिडेंशियलिटी और नियमों का गंभीर उल्लंघन माना। मामले की जांच के दौरान यह भी पता चला कि उसी टीचर द्वारा तैयार किया गया इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड थ्योरी सब्जेक्ट का क्वेश्चन पेपर भी लीक हुआ था। इसके बाद यूनिवर्सिटी ने दोनों सब्जेक्ट की पहले हुई परीक्षाएं कैंसिल करने का फैसला किया।

दोबारा होगी परीक्षा

बता दे कि यूनिवर्सिटी के एग्जामिनेशन कंट्रोलर डॉ. वीके पटेल के मुताबिक, कैंसिल की गई दोनों परीक्षाएं अगस्त के तीसरे हफ्ते में होंगी। एग्जाम डेट और सेंटर की जानकारी अलग से जारी की जाएगी। प्रभावित स्टूडेंट्स को संबंधित कॉलेजों के जरिए इसकी जानकारी दी जा रही है। यूनिवर्सिटी ने एग्जामिनेशन कॉन्फिडेंशियलिटी के उल्लंघन के मामले में टीचर को अगले सात साल के लिए यूनिवर्सिटी की सभी एग्जाम से जुड़ी जिम्मेदारियों से डिबार कर दिया है।

ऐसी घटनाओं को दोबारा होने से रोकने के लिए चेतावनी दी गई

साथ ही, शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग को भी भविष्य में ऐसी घटनाओं को दोबारा होने से रोकने के लिए चेतावनी दी गई है। हालांकि, इस मामले ने एग्जामिनेशन सिस्टम और क्वेश्चन पेपर की सिक्योरिटी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, UTU जांच के बाद कार्रवाई करके परीक्षा की क्रेडिबिलिटी बनाए रखने की कोशिश कर रहा है।

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