40 की उम्र में ब्रैंडन टेलर का धमाका, टेस्ट क्रिकेट में शतक जड़कर बनाया खास रिकॉर्ड

स्पोर्ट्स डेस्क: उम्र सिर्फ एक आंकड़ा है, इसे जिंबाब्वे के अनुभवी बल्लेबाज ब्रैंडन टेलर ने एक बार फिर साबित कर दिया है। 40 साल की उम्र पार करने के बाद भी उनके बल्ले की धार कम नहीं हुई है। अफगानिस्तान के खिलाफ शारजाह में खेले जा रहे पहले टेस्ट मुकाबले में टेलर ने शानदार शतक लगाकर क्रिकेट जगत का ध्यान अपनी ओर खींचा। उन्होंने 168 गेंदों पर 131 रन की यादगार पारी खेली। इस पारी के साथ ही उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में एक खास उपलब्धि अपने नाम कर ली।

40 की उम्र में शतक लगाने वाले चुनिंदा बल्लेबाजों में शामिल

बता दे कि ब्रैंडन टेलर ने 40 साल और 272 दिन की उम्र में टेस्ट शतक लगाकर एक विशेष रिकॉर्ड बनाया है। वह 21वीं सदी में 40 वर्ष या उससे अधिक उम्र में टेस्ट शतक लगाने वाले दुनिया के केवल तीसरे बल्लेबाज बन गए हैं।

इससे पहले पाकिस्तान के पूर्व कप्तान मिस्बाह-उल-हक और वेस्टइंडीज के दिग्गज शिवनारायण चंद्रपॉल यह उपलब्धि हासिल कर चुके हैं। इस सूची में मिस्बाह सबसे आगे हैं, जिन्होंने 40 साल की उम्र के बाद पांच टेस्ट शतक लगाए थे। वहीं चंद्रपॉल ने एक बार यह कारनामा किया था।

168 गेंदों में 131 रन, चौकों-छक्कों की बरसात

अफगानिस्तान के गेंदबाजों के सामने टेलर ने धैर्य और आक्रामकता का शानदार मेल दिखाया। उन्होंने अपनी 131 रन की पारी के दौरान 14 चौके और चार छक्के लगाए। उनकी बल्लेबाजी ने जिंबाब्वे को मजबूत स्थिति में पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।

बेनेट के साथ बड़ी साझेदारी ने संभाली जिंबाब्वे की पारी

मुकाबले में टॉस जीतकर जिंबाब्वे ने पहले बल्लेबाजी चुनी। पारी की शुरुआत इनोसेंट काया और बेन करन ने की। दोनों ने पहले विकेट के लिए 60 रन जोड़े। काया को काईस अहमद ने आउट कर इस साझेदारी को तोड़ा।

इसके बाद ब्रैंडन टेलर ने बेन करन के साथ दूसरे विकेट के लिए 65 रन जोड़े। सलीम सफी ने बेन करन को शानदार गेंद पर आउट कर जिंबाब्वे को दूसरा झटका दिया। टेलर को इसके बाद कप्तान ब्रायन बेनेट का साथ मिला। दोनों बल्लेबाजों ने तीसरे विकेट के लिए 137 रन जोड़कर टीम की स्थिति मजबूत कर दी। हालांकि, हशमतुल्लाह शाहिदी ने टेलर को आउट कर इस साझेदारी का अंत किया।

पहले दिन जिंबाब्वे का स्कोर 326/5

टेलर के पवेलियन लौटने के बाद जिंबाब्वे ने क्रेग इरविन और अंतुम नकवी के विकेट भी जल्दी गंवा दिए। इसके बाद वेस्ली माधेवेरे ने कप्तान बेनेट के साथ मिलकर पारी को आगे बढ़ाया।

पहले दिन का खेल समाप्त होने तक जिंबाब्वे ने पांच विकेट खोकर 326 रन बना लिए थे। कप्तान ब्रायन बेनेट 71 रन और वेस्ली माधेवेरे 29 रन बनाकर नाबाद थे। दोनों के बीच 39 रनों की साझेदारी हो चुकी थी। ब्रैंडन टेलर का यह शतक न केवल जिंबाब्वे के लिए अहम रहा, बल्कि उम्र के इस पड़ाव पर टेस्ट क्रिकेट में उनकी उपलब्धि ने भी इसे खास बना दिया।

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