‘काशी को क्योटो बनाने चले थे वेनिस बना दिया’…कुछ इस अंदाज में बारिश के बाद बीजेपी पर बरसे अखिलेश यादव !

उत्तर प्रदेश में मानसून के दस्तक देने के साथ ही विगत 24 घंटे से बारिश हो रही है। वाराणसी में मानसून की शुरुआत में हुई घंटों की बारिश ने स्मार्ट सिटी और नगर निगम की पोल खोल कर रख दी है।

वाराणसी; उत्तर प्रदेश में मानसून के दस्तक देने के साथ ही विगत 24 घंटे से बारिश हो रही है। वाराणसी में मानसून की शुरुआत में हुई घंटों की बारिश ने स्मार्ट सिटी और नगर निगम की पोल खोल कर रख दी है। बारिश के साथ ही वाराणसी नगर निगम के कई क्षेत्रों में जलजमाव होने से जनता परेशान हो गई। बीती रात हुई बारिश के बाद हुए जलजमाव के कारण घरों में मौजूद लोग सुबह अपने घर से बाहर नहीं निकल पाए। वहीं, वाराणसी स्मार्ट सिटी के इस तस्वीर पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी सोशल मीडिया पर जमकर तंज कसा।

बनारस की गलियों में जलभराव, घरों में कैद हुए लोग…

वाराणसी नगर निगम में मानसून से पहले सीवर की सफाई करवाने का दावा करने वाले नगर निगम के अधिकारी बारिश के बाद हुए जलभराव को लेकर चुप्पी साधे हुए हैं। वहीं नगर निगम के मेयर अशोक तिवारी जल्द ही समस्याओं को दुरुस्त करने की बात कह रहे हैं, लेकिन जलभराव की वजह से बनारस की एक बड़ी आबादी वाले क्षेत्र के लोग अपने घरों में कैद होने के लिए मजबूर हुए। तस्वीरों में दिख रहा यह नजारा वाराणसी के जैतपुरा थाना क्षेत्र के कच्चीबाग है, जहां चारों तरफ का नजारा देख कर आपको बाढ़ जैसी स्थिति दिख रही होगी. लेकिन, यह नजारा बाढ़ का नहीं बल्कि नगर निगम के कर्मचारियों की अनदेखी के वजह से बारिश के बाद हुए जलभराव का है।

अखिलेश यादव ने बारिश के बहाने बीजेपी पर साधा निशाना…

मानसून की शुरुआत में बनारस का यह हाल देख विपक्ष कैसे चुप बैठ सकता है। ऐसे में उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस मुद्दे को आड़े हाथों लिया और ट्विटर पर बीजेपी के खिलाफ जमकर तंज तसा। अखिलेश यादव ने बारिश के बाद वाराणसी के एक अंडरपास का वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा कि “बारिश ने आते ही भाजपाई विकास का सच दिखा दिया, काशी को क्योटो बनाने चले थे लेकिन वेनिस बना दिया।” अखिलेश यादव के इस ट्वीट के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने बनारस के साथ विभिन्न जनपदों के बदहाली की तस्वीर सांझा करने लगे।

रिपोर्ट : नीरज जायसवाल, वाराणसी

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