अमृतसर एयरपोर्ट पर अब इमिग्रेशन और चेक-इन की सुविधा, केंद्रीय मंत्री ने बताया कैसे चार घंटे में पहुंचेंगे लंदन-दुबई?

अमृतसर/नई दिल्ली। पंजाब और आसपास के राज्यों से विदेश जाने वाले यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू किंजरापु ने बताया कि अब अमृतसर एयरपोर्ट पर ही इमिग्रेशन, चेक-इन, कस्टम और सामान जमा करने की पूरी प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। इसका मतलब यह हुआ कि विदेश जाने के लिए अब दिल्ली तक की भागदौड़ और लंबी लाइनों में खड़े होने की मजबूरी खत्म हो गई है।

पहले कितनी होती थी परेशानी?

मंत्री ने बताया कि अभी तक अगर पंजाब से किसी को लंदन, टोरंटो या दुबई जाना होता था तो उसे दिल्ली पहुंचकर अपना सामान दोबारा संभालना पड़ता था, लंबी कतारों में लगना पड़ता था और पूरी इमिग्रेशन प्रक्रिया से गुजरना पड़ता था। इस सबमें आधा दिन बर्बाद हो जाता था। लेकिन अब यात्री का सामान अमृतसर में ही चेक-इन होगा और सीधे उसकी विदेशी मंजिल पर पहुंच जाएगा। दिल्ली में बस उसे अपनी अगली कनेक्टिंग फ्लाइट पकड़नी होगी और महज चार घंटे के भीतर वह इंटरनेशनल फ्लाइट में सवार हो सकेगा।

आंकड़े क्या कहते हैं?

नायडू ने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि हर साल करीब डेढ़ लाख यात्री इंटरनेशनल फ्लाइट पकड़ने के लिए अमृतसर से दिल्ली का रुख करते थे और इतने ही लोग विदेश से दिल्ली उतरकर वापस अमृतसर जाते थे। नई व्यवस्था लागू होने के बाद अमृतसर पूरे उत्तर भारत के लिए एक बड़ा इंटरनेशनल गेटवे बन जाएगा, जिससे पंजाब, जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश के करीब तीन करोड़ लोगों को सीधा फायदा पहुंचेगा। इस इलाके के लगभग एक करोड़ पंजाबी विदेशों में बसे हैं, जिनके लिए यह सुविधा किसी वरदान से कम नहीं होगी।

कारोबार को भी मिलेगी रफ्तार

मंत्री ने कहा कि हवाई संपर्क बढ़ने से अमृतसर की अर्थव्यवस्था को सीधा लाभ होगा। यात्रियों की आवाजाही बढ़ने से होटल और उससे जुड़े कारोबारों में तेजी आएगी, जबकि हैंडीक्राफ्ट, कपड़ा उद्योग, कार्गो और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों को भी नई रफ्तार मिलेगी। उन्होंने यह भी बताया कि हब एंड स्पोक मॉडल से एयरलाइंस कंपनियों की हर फ्लाइट से कमाई बढ़ेगी, खासतौर पर लंबी दूरी की अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के बाजार में।

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