Amroha : कैची से गोद कर यूवक की निर्मम हत्या, जल्दी बाल काटने को लेकर हुआ था विवाद…

जनपद मुज़फ्फरनगर में भारतीय किसान यूनियन की राजधानी सिसौली में किसानो को उनका हक़ दिलाने के लिए हमेशा सघर्षरत रहने वाले किसान मसीहा स्व: चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत की रविवार को 11 वी पुण्यतिथि मनाई गयी। वैसे तो किसान मसीहा की इस पुण्यतिथि को जल जंगल जमीन पर्यावरण बचाओ संकल्प दिवस का नाम दिया गया।

इस अवसर पर आज फिर सिसौली में कई खापों के चौधरियों और किसानो के साथ साथ राजनीतिक दलों के दिग्गज भी शामिल हुए, बहाना था किसान मसीहा चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत को श्रद्धांजलि देने का मगर यह श्रद्धांजलि सभा किसी राजनीतिक सभा से कम नहीं लग रही थी, बाबा महेंद्र सिंह टिकैत की श्रद्धांजलि सभा में दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया व राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष जयंत चौधरी और दुष्यंत चौटाला व दिग्विजय सिंह के साथ कई राज्यों के बड़े किसान नेता और आसपास के लोकदल सपा के विधायक मौजूद रहे।

दरअसल जनपद मुज़फ्फरनगर में भाकियू की राजधानी सिसौली में आज किसानो के मसीहा स्व: चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत की 11 वी पुण्यतिथि मनाई गयी। जिसमे कई खापों के चौधरियों के साथ साथ हज़ारो किसानो और राजनीतिक दलों के नेताओ ने सिसौली पहुंचकर उनकी समाधी पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। वही किसानों के मसीहा चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत की 11 वीं पुण्यतिथि को वैसे तो जल जंगल जमीन पर्यावरण बचाओ संकल्प दिवस नाम दिया गया।

लेकिन मगर सिसौली में राजनेताओं का जमावड़ा देख कर तो लगता है कि यह कोई चुनावी सभा है। बहरहाल स्थिति कुछ भी हो किसान आंदोलन के 13 महीने के कार्यकाल में अपना एक अलग नाम बनाने वाले राकेश टिकैत देशभर में एक बड़े किसान नेता बन चुके हैं, यही कारण है कि मिशन 2024 को लेकर कई बड़े राजनीतिक दल राकेश टिकैत को अपनी ओर खींचने का प्रयास कर रहे हैं।

यही कारण था बाबा महेंद्र सिंह टिकैत की 11 वीं पुण्यतिथि पर राष्ट्रीय लोक दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी अपने कई विधायकों के साथ सिसौली पहुंचे तो वही आम आदमी पार्टी के दिल्ली उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया भी महेंद्र सिंह टिकैत को श्रद्धांजलि देने के लिए किसानों की राजधानी सिसौली पहुंच गए।

इतना ही नहीं किसान मसीहा को श्रद्धांजलि देने के लिए कई राज्यों के बड़े किसान नेता और राजनीति के दिग्गज कहे जाने वाले दुष्यंत चौटाला और दिग्विजय सिंह भी श्रद्धांजलि देने के लिए सिसौली पहुंचे और उसके बाद उन्होंने मंच से मौजूद किसानों को संबोधित किया, लेकिन इस बार महेंद्र सिंह टिकैत की श्रद्धांजलि सभा में सत्ता पक्ष का कोई भी चेहरा देखने को नहीं मिला कारण यह है कि किसान बीजेपी सरकार से किसान आंदोलन से लेकर नाखुश दिखाई दे रहे हैं और 2022 के चुनाव में टिकैत परिवार ने बैकग्राउंड पर रहते हुए पीछे से राष्ट्रीय लोक दल और सपा के गठबंधन को समर्थन दिया था।

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