
प्रयागराज। झांसी जेल में बंद अपने भाई से मिलने जाते वक्त कानपुर-झांसी हाईवे पर सड़क हादसे में जान गंवाने वाले माफिया अतीक अहमद के छोटे बेटे अबान की पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, अबान के शरीर पर कुल 23 चोटों के निशान मिले हैं। वहीं, हादसे में मारे गए उसके दोस्त रफीक उर्फ सोनू की मौत सिर में गंभीर चोट लगने की वजह से होने की पुष्टि हुई है।
दोनों भाइयों को मिली पैरोल
शुक्रवार सुबह पोस्टमार्टम के बाद दोनों के शव प्रयागराज लाए गए। सोनू को जुमे की नमाज के बाद सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया, जबकि अबान का जनाजा झांसी जेल में बंद बड़े भाई अली और लखनऊ जेल में बंद उमर के आने के इंतजार में रोक दिया गया। बुआ परवीन कुरैशी की याचिका पर शुक्रवार को इलाहाबाद हाई कोर्ट की न्यायमूर्ति अजय भनोट और न्यायमूर्ति दिवेश चंद सामंत की खंडपीठ ने सुनवाई करते हुए दोनों भाइयों को 8 अगस्त रात 8 बजे तक के लिए पैरोल मंजूर कर ली। हालांकि, अदालत ने साफ शर्त लगाई कि दोनों भाई इस दौरान मीडिया से कोई बात नहीं करेंगे।
कैसे हुआ था हादसा?
गुरुवार सुबह अबान अपने चचेरे भाई मोहम्मद उमर और दोस्तों सोनू, आजम व मोहम्मद जैद के साथ झांसी जेल में बंद भाई अली अहमद से मिलने जा रहा था। कानपुर-झांसी राजमार्ग पर पूंछ क्षेत्र में उनकी तेज रफ्तार क्रेटा कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई, जिसमें अबान और सोनू की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य युवक घायल हो गए। अबान को शनिवार को कसारी-मसारी कब्रिस्तान में उसके पिता अतीक अहमद और चाचा अशरफ की कब्र के पास सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।
गांव में भारी सुरक्षा, खुफिया एजेंसियां सतर्क
शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए हटवा गांव, चकिया और कसारी-मसारी कब्रिस्तान में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। खुफिया एजेंसियों ने भी पूरे दिन स्थिति पर करीबी नजर रखी। उमेश पाल हत्याकांड में फरार चल रहीं शाइस्ता परवीन, आयशा नूरी और जैनब के संभावित आने की आशंका को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह चौकस रहीं और लगातार सूचनाएं जुटाती रहीं।








