
हेल्थ डेस्क : वैज्ञानिकों ने जन्मजात दिल की बीमारी (Congenital Heart Disease) से जुड़े एक बड़े और अहम रहस्य से पर्दा उठाया है। हाल ही में ‘साइंस’ पत्रिका में प्रकाशित एक नई रिसर्च के मुताबिक, दिल की बीमारी से जुड़ा ‘TBX5’ नाम का जीन दिल की कोशिकाओं (Cells) के DNA के लिए एक आर्किटेक्ट की तरह काम करता है। रिसर्चर्स ने पाया है कि इस महत्वपूर्ण जीन की सिर्फ एक कॉपी कम होने से जीनोम का ध्यान से मोड़ा गया 3D स्ट्रक्चर बिगड़ जाता है, जिससे एक स्वस्थ दिल के विकास के लिए जरूरी जीन ठीक से काम नहीं कर पाते।
जन्मजात दिल की बीमारी दुनिया भर में सबसे आम जन्म दोषों में से एक है, जो हर साल पैदा होने वाले लगभग 1 प्रतिशत बच्चों को प्रभावित करती है। इस स्थिति के कई कारणों में TBX5 जीन में होने वाले बदलाव भी शामिल हैं। ग्लैडस्टोन इंस्टीट्यूट के वैज्ञानिकों ने इस बात की गहराई से जांच की कि आखिर इस जीन की एक कॉपी कम होने पर दिल के विकास पर इतना बुरा असर क्यों पड़ता है। इसके लिए उन्होंने एडवांस्ड तकनीकों और कम्प्यूटेशनल मॉडल्स का इस्तेमाल करके इंसानी स्टेम कोशिकाओं से लेकर दिल की मांसपेशियों की कोशिकाओं तक का बारीकी से अध्ययन किया।
अध्ययन में सामने आया कि DNA सिर्फ रैंडम तरीके से पैक नहीं होता, बल्कि हर सेल अपने जेनेटिक मटेरियल को एक खास थ्री-डायमेंशनल अरेंजमेंट में फोल्ड करती है। जब TBX5 जीन की एक कॉपी कम होती है, तो यह पूरा 3D ऑर्गनाइज़ेशन—कम्पार्टमेंट्स, डोमेन और क्रोमेटिन लूप के स्तर पर—बिखर जाता है। वैज्ञानिकों का मानना है कि यह खोज न केवल दिल की बीमारियों को समझने में मदद करेगी, बल्कि भविष्य में कई अन्य तरह के जन्म दोषों के पीछे छिपे बायोलॉजिकल कारणों को सुलझाने में भी अहम साबित हो सकती है।









