
लॉस एंजिल्स में रहने वाले एक भारतीय परिवार को उस समय गहरा सदमा लगा जब उन्हें पता चला कि भारत में बैठा एक पुलिस अधिकारी उनकी जान का दुश्मन बन गया है। हाल ही में अमेरिकी फेडरल अधिकारियों ने एक बड़े ट्रांसनेशनल ऑर्गनाइज्ड क्राइम ग्रुप का पर्दाफाश किया है, जिसमें पंजाब के एक पुलिस अधिकारी गुरिंदरजीत सिंह नागरा का नाम मुख्य रूप से सामने आया है। उन पर आरोप है कि उन्होंने अमेरिका में रह रहे एक परिवार से 4 लाख डॉलर (करीब 3.3 करोड़ रुपये) की जबरन वसूली करने की कोशिश की।
कैसे रची गई साजिश?
FOX LA की रिपोर्ट के अनुसार, SHO टांडा गुरिंदरजीत सिंह नागरा ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए अमेरिका में पीड़ित परिवार को धमकी दी कि यदि उन्होंने पैसे नहीं दिए, तो भारत में उनके रिश्तेदारों पर झूठे हत्या के मामले दर्ज कर दिए जाएंगे। जांचकर्ताओं का कहना है कि आरोपी अधिकारी ने केवल धमकी ही नहीं दी, बल्कि जब तक पीड़ित पैसे देने के लिए राजी नहीं हुए, तब तक भारत में परिवार के सदस्यों के खिलाफ वास्तव में हत्या के झूठे मामले दर्ज भी किए गए थे। अमेरिकी अधिकारी अब नागरा के खिलाफ प्रत्यर्पण (Extradition) की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी कर रहे हैं।
37 आरोपियों पर बड़ा एक्शन
यह मामला उन तीन बड़े फेडरल अभियोगों (Indictments) का हिस्सा है, जो 37 आरोपियों के खिलाफ खोले गए हैं। कई वर्षों की जांच के बाद सामने आया कि ये अपराधी उत्तर अमेरिका के समुदायों में हिंसा, जबरन वसूली और नशीले पदार्थों की तस्करी का जाल फैला रहे थे। इस सिंडिकेट का संचालन मुख्य रूप से जेल में बंद गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया द्वारा किया जा रहा था, जिसके गिरोह में करीब 1,000 सदस्य शामिल हैं।
यूएस अटॉर्नी बिल एसेली ने स्पष्ट किया कि ये अपराधी स्थानीय कानूनों और भ्रष्ट अधिकारियों की मिलीभगत का फायदा उठाकर विदेश में रह रहे भारतीय परिवारों को अपना निशाना बना रहे थे। चौंकाने वाली बात यह है कि गिरफ्तार किए गए 15 आरोपी अमेरिका में अवैध रूप से रह रहे थे।
गैंगस्टर्स और भ्रष्ट अधिकारियों का गठजोड़
इस जांच में केवल नागरा ही नहीं, बल्कि अन्य लोगों के नाम भी सामने आए हैं। गुरुदेव सिंह नामक एक अन्य आरोपी पर आरोप है कि उसने ICE (इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट) की हिरासत में रहते हुए भी तस्करी के जरिए प्राप्त संचार उपकरणों का उपयोग करके जबरन वसूली की कोशिश की। वहीं, वैंकूवर से संचालित ‘जॉन विक’ उपनाम वाले रविंदर सिंह ढांडा पर नशीले पदार्थों की अंतरराष्ट्रीय तस्करी के नेटवर्क को संभालने का आरोप है।
अमेरिकी प्रशासन ने इस कार्रवाई को एक बड़ी चेतावनी माना है। यह साफ है कि अंतरराष्ट्रीय सीमाएं अब इन अपराधियों के लिए कोई बाधा नहीं हैं, लेकिन अमेरिकी कानून प्रवर्तन एजेंसियां अब इन ट्रांसनेशनल सिंडिकेट्स को जड़ से उखाड़ने के लिए कमर कस चुकी हैं। नागरा जैसे अधिकारियों का नाम सामने आना यह दर्शाता है कि भ्रष्टाचार किस हद तक इन आपराधिक गिरोहों के साथ गहराई से जुड़ा हुआ है।









