
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के आगामी उत्तर प्रदेश दौरे को ध्यान में रखते हुए प्रदेश संगठन ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। संगठन का प्रयास है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष के आगमन से पहले राज्य के सभी संगठनात्मक जिलों में टीमों का गठन पूरा कर लिया जाए। इसी सिलसिले में प्रदेश इकाई उन जिलों की कार्यकारिणी घोषित करने जा रही है जिनकी घोषणा लंबे समय से लटकी हुई थी। इसके लिए मेरठ जिला, वाराणसी जिला, गोरखपुर महानगर, देवरिया, अंबेडकर नगर, चंदौली और हाथरस समेत नौ जिलों के अध्यक्षों को पदाधिकारियों की प्रस्तावित सूची के साथ गुरुवार को प्रदेश मुख्यालय तलब किया गया।
खींचतान के कारण रुकी थीं सूचियां, शुक्रवार को आ सकती है लिस्ट
पार्टी सूत्रों के अनुसार, इन जिलों के अध्यक्षों के साथ वरिष्ठ पदाधिकारियों के विमर्श के बाद शुक्रवार को अंतिम रूप से पदाधिकारियों की सूची जारी की जा सकती है। दरअसल, उत्तर प्रदेश के कई जिलों में स्थानीय जनप्रतिनिधियोंऔर संगठन के बीच आंतरिक खींचतान और असहमति बढ़ने की वजह से इन पदाधिकारियों की सूची को लंबे समय तक रोकना पड़ा था। संगठन ने इससे पहले भी कई बार जिलाध्यक्षों को विचार-विमर्श के लिए बुलाया, लेकिन सर्वसम्मति न बन पाने के कारण घोषणा लगातार टलती रही। अब राष्ट्रीय अध्यक्ष के दौरे के दबाव के बीच इन विवादों को सुलझाकर अंतिम फैसला लिया जा रहा है।
चरणबद्ध तरीके से हुआ है संगठन का विस्तार
उत्तर प्रदेश में भाजपा के कुल 98 संगठनात्मक जिले हैं, जिनमें अब सभी जगह अध्यक्ष बनाए जा चुके हैं, लेकिन सात जिलों की कार्यकारिणी टीमें अभी तक नहीं बन सकी थीं। इससे पहले भाजपा ने पिछले साल 16 मार्च 2025 को 70 जिलाध्यक्षों के नामों की घोषणा की थी। इसके बाद 26 नवंबर को 14 और जिलाध्यक्षों की सूची जारी की गई। एक लंबे अंतराल के बाद, इसी वर्ष 28 मई 2026 को पांच महत्वपूर्ण जिलों— अंबेडकरनगर, वाराणसी जिला, चंदौली, गोरखपुर महानगर एवं देवरिया के अध्यक्ष घोषित किए गए थे। मार्च से अप्रैल के बीच अधिकांश जिलों की टीमें तो गठित कर दी गईं, लेकिन जिन क्षेत्रों में नेतृत्व को लेकर पेंच फंसा था, उन्हें टाल दिया गया था, जो अब इस शुक्रवार को पूरी तरह साफ होने की उम्मीद है।









