NTA ने NEET री-एग्जाम के लिए किए 3 बड़े बदलाव, पढ़े पूरी जानकारी

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की तरफ से NEET री-एग्जाम के लिए एक गाइडलाइन जारी की गई है, जिसमें बताया गया है कि इस बार एग्जाम में बड़े बदलाव किए गए हैं। NTA ने यह भी बताया है कि NEET (UG)-2026 एग्जाम पूरी तरह से फेयर, सिक्योर और स्टूडेंट्स की ज़रूरतों को ध्यान में रखकर आयोजित किया जाएगा। री-एग्जाम में इस बात का ध्यान रखा जाएगा कि स्टूडेंट्स का एक मिनट भी बर्बाद न हो। आइए जानते हैं कि NTA ने एग्जाम से जुड़े क्या बड़े बदलाव किए हैं।

तीन बड़े बदलाव किए गए

  • एग्जाम का समय बढ़ाया गया: पिछले कुछ सालों में स्टूडेंट्स शिकायत करते थे कि एग्जाम का समय कम कर दिया जाता है, इसलिए इस बार इसे 15 मिनट बढ़ाकर कुल 195 मिनट कर दिया गया है, यानी दोबारा एग्जाम के लिए 3 घंटे 15 मिनट।
  • एग्जाम टाइमिंग में बदलाव: एग्जाम का समय भी बदल दिया गया है। अब एग्जाम दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:15 बजे तक होगा।
  • रफ वर्क स्पेस मिलेगा: स्टूडेंट्स को एग्जाम वाले दिन रफ वर्क या री-फॉर्मूला सॉल्व करने के लिए अलग जगह मिलेगी। क्वेश्चन पेपर में रफ वर्क स्पेस बढ़ा दिया गया है। पहले जहां रफ वर्क के लिए दो पेज इस्तेमाल होते थे, अब चार पेज इस्तेमाल होंगे।

जाने क्यो बढ़ाया गया समय

NTA ने बताया है कि एग्जाम से जुड़ी सभी फॉर्मैलिटीज़ बढ़ाए गए समय में पूरी की जाएंगी। इसमें साइन करना और अटेंडेंस शीट चेक करना जैसी चीज़ें शामिल हैं, ताकि स्टूडेंट्स का एक मिनट भी बर्बाद न हो और उन्हें पेपर सॉल्व करने के लिए पूरा समय मिल सके। पहले ये पेज बुकलेट के आखिर में दिए जाते थे, जिससे बाएं हाथ से लिखने वाले स्टूडेंट्स को दिक्कत होती थी। अब दो पेज शुरू में और दो पेज आखिर में दिए गए हैं। NTA ने बताया है कि ये नियम सभी पेपर्स में लागू होंगे।

NTA ने कहा है कि ये सभी चीज़ें स्टूडेंट्स के एक्सपीरियंस को बेहतर बनाने के लिए की जा रही हैं। इससे माहौल और आरामदायक और आसान हो जाएगा। स्टूडेंट्स को सलाह दी जाती है कि वे अपने एडमिट कार्ड में लिखे नियमों को ध्यान से पढ़ें और किसी भी जानकारी के लिए NTA की ऑफिशियल वेबसाइट देखें।

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