
चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पराली जलाने की घटनाओं को पूरी तरह रोकने के लिए राज्य में व्यापक जागरूकता अभियान चलाने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार के लगातार प्रयासों की वजह से ही 2023 से 2025 के बीच पराली जलाने की घटनाओं में 86 प्रतिशत की भारी कमी आई है। 2023 में जहां ऐसी 36,663 घटनाएं हुई थीं, वहीं 2024 में यह आंकड़ा घटकर 10,909 और 2025 में महज 5,114 रह गया। अब सरकार इसे और नीचे लाना चाहती है।
किसानों को जागरूक करने की बड़ी योजना
पराली प्रबंधन को लेकर हुई बैठक की अध्यक्षता करते हुए सीएम मान ने कहा कि इस साल पंजाब में करीब 30 लाख हेक्टेयर में धान की बुआई हुई है, जिससे 18.81 मिलियन टन पराली निकलने का अनुमान है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि गांव और ब्लॉक स्तर तक किसानों को पराली जलाने के नुकसान और इसके स्थायी विकल्पों के बारे में बताया जाए। इस काम में गैर-सरकारी संगठनों, समाजसेवियों, पंचायतों और खुद किसानों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा गया।
जमीनी स्तर पर चलेगा जागरूकता अभियान
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को जागरूक करने के लिए गांवों और ब्लॉकों में मशीनरी के प्रदर्शन, नुक्कड़ नाटक, सरपंचों के साथ बैठकें और शपथ ग्रहण समारोह जैसे कार्यक्रम कराए जाएं। इसके अलावा, रेडियो जिंगल्स, प्रिंट मीडिया, टेलीविजन, मोबाइल एसएमएस और सोशल मीडिया के जरिए भी बड़े स्तर पर जागरूकता फैलाई जाए। उन्होंने पराली के खेत में और खेत से बाहर प्रबंधन दोनों तरीकों को बढ़ावा देने की बात कही, ताकि पर्यावरण की सुरक्षा के साथ-साथ किसानों को भी फायदा मिल सके।
अच्छा काम करने वालों को मिलेगा सम्मान
सीएम मान ने कहा कि पराली प्रबंधन में बेहतरीन काम करने वाले प्रगतिशील किसानों, पंचायतों और पैक्स जैसी संस्थाओं को सम्मानित किया जाएगा, ताकि दूसरे लोग भी उनसे प्रेरणा लेकर अच्छी परंपराएं अपनाएं। उन्होंने सभी विभागों और हितधारकों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर देते हुए कहा कि वांछित नतीजे पाने के लिए सबको मिलकर काम करना होगा। बैठक में कैबिनेट मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां, हरदीप सिंह मुंडियां, मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा समेत कई आला अधिकारी मौजूद रहे।









