अंतरिक्ष की टोह लेगी SpaceX की यह खास दूरबीन, नासा भी भेज रहा है टेलीस्कोप, सुलझेंगी ब्रह्माण्ड की कई गुत्थियां

नासा (NASA) और स्पेसएक्स (SpaceX) अंतरिक्ष में एक्स-रे टेलीस्कोप भेज रहे हैं। नासा इमेजिंग एक्स-रे पोलारिमेट्री एक्सप्लोरर (Imaging X-ray Polarimetry Explorer) या IXPE मिशन को आज फ्लोरिडा के कैनेडी स्पेस सेंटर से SpaceX के फाल्कन 9 (Falcon 9) रॉकेट पर लॉन्च किया जाएगा। SpaceX का यह मिशन Falcon 9 के पहले बूस्टर चरण के लिए पांचवां मिशन होगा, जो अलगाव वाले चरण के बाद लैंडिंग के लिए वापस आ जाएगा। आइये जानते हैं IXPE मिशन क्या है, इसके लक्ष्य क्या है, और यह परियोजना कैसे बनी?

दरअसल, IXPE उपग्रह ब्रह्मांड की जांच के लिए खगोलविदों को एक नया उपकरण प्रदान करेगा। IXPE मिशन, या एक्स-रे ध्रुवीकरण उपग्रह तीन समान दूरबीनों से लैस है जो ब्लैक होल और न्यूट्रॉन सितारों जैसे ब्रह्मांडीय स्रोतों से प्रकाश के ध्रुवीकरण का अध्ययन करने में सक्षम होंगे। IXPE के आधिकारिक बयान की माने तो इससे, खगोलविद उस संरचना और तंत्र का अध्ययन करने में सक्षम हों सकेंगे जो गूढ़ ब्रह्मांडीय वस्तुओं को शक्ति प्रदान करते हैं। मिशन के प्रमुख अन्वेषक मार्टिन वीसकोफ ने एक प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि हमने ऐसा अनुमान लगाया है कि “IXPE हमें ब्रह्मांड के काम करने के हमारे वर्तमान सिद्धांतों का परीक्षण और परिशोधन करने में मदद करेगा।”

अलबामा के हंट्सविले में स्थित नासा का मार्शल स्पेस फ्लाइट सेंटर, इस मिशन का प्रभारी है। इस पूरे मिशन का संचालन और नियंत्रण यहीं से किया जाना है। इसके अलावा,कोलोराडो के ब्रूमफील्ड में स्थित बॉल एयरोस्पेस भी कोलोराडो विश्वविद्यालय के सहयोग से अंतरिक्ष यान संचालन का प्रबंधन कर रहा है। नासा के अनुसार, IXPE को बनाने में 160 मिलियन डॉलर (लगभग 1,208 करोड़ रुपये) की लागत आई है। अंतरिक्ष एजेंसी ने शुरू में IXPE को 2017 में एक छोटे एक्सप्लोरर मिशन के रूप में चुना था। IXPE मिशन नासा और इतालवी अंतरिक्ष एजेंसी के बीच एक सहयोगात्मक मिशन है।

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