
नई दिल्ली। आईपीएल 2026 में 776 रन बनाकर ऑरेंज कैप जीतने वाले और सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़कर भारत के सबसे युवा इंटरनेशनल क्रिकेटर बनने वाले 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी का डेब्यू तो शानदार रहा, लेकिन उनका बल्ला अब तक खामोश है। इंग्लैंड के खिलाफ तीन टी20 मैचों में उन्हें लगातार मौका मिला, लेकिन वह एक भी पारी को बड़े स्कोर में तब्दील नहीं कर पाए। आइए जानते हैं आखिर क्यों नहीं चल पा रहा वैभव का बल्ला।
संयम की कमी बन रही सबसे बड़ी बाधा
वैभव सूर्यवंशी के खेल में इंटरनेशनल स्तर पर संयम की साफ कमी देखने को मिल रही है। आईपीएल के दौरान वह अच्छी गेंदों का सम्मान करते हुए केवल ढीली गेंदों पर ही बड़े शॉट लगाते थे, लेकिन इंग्लैंड के खिलाफ वह लगभग हर गेंद पर बल्ला चलाते नजर आ रहे हैं। भारत की छोटी बाउंड्री और फ्लैट पिचों पर उनकी ताकत काम कर जाती थी और बीच-बीच में लगी गेंद भी बाउंड्री पार चली जाती थी, लेकिन इंग्लैंड की लंबी बाउंड्री और एक्सट्रा बाउंस वाली पिचों पर वह अब तक तालमेल नहीं बैठा पाए हैं। उन्हें जल्द ही हालात के मुताबिक खुद को ढालना होगा, क्योंकि आगे न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया और साउथ अफ्रीका के दौरे पर उन्हें और भी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियां मिलने वाली हैं।
उम्मीदों का प्रेशर बना परेशानी
वैभव सूर्यवंशी ने जिस अंदाज में आईपीएल करियर की शुरुआत छक्के से की थी, फैंस को उनसे हर गेंद पर वैसा ही जलवा देखने की उम्मीद रहती है। इसी कोशिश में वह इंटरनेशनल स्तर पर भी हर गेंद को बाउंड्री के पार भेजने का प्रयास करते हैं और असफल हो रहे हैं। 15 साल की उम्र में उन पर उम्मीदों का यह दबाव स्वाभाविक है, लेकिन उन्हें समझना होगा कि हर गेंद पर बड़ा शॉट खेलना न तो जरूरी है और न ही संभव। फैंस के मनोरंजन से ज्यादा अहम टीम की जीत होती है और उसी हिसाब से उन्हें गेंद की मैरिट के अनुसार खेलना होगा।
शॉर्ट पिच गेंद ने किया एक्सपोज
आईपीएल 2026 के दौरान ही वैभव सूर्यवंशी की दो बड़ी कमजोरियां पूरी दुनिया के सामने आ चुकी थीं—सटीक यॉर्कर और शॉर्ट पिच गेंद। जब भी कोई गेंदबाज उनके खिलाफ सटीक यॉर्कर का इस्तेमाल करता है, तो वह ज्यादातर चुप रहते हैं। वहीं, शॉर्ट पिच गेंद पर बड़ा शॉट खेलने के चक्कर में वह बार-बार आउट होते हैं। भारत में पिचों की वजह से यह कमजोरी ज्यादा उजागर नहीं हो पाई थी, लेकिन इंग्लैंड में जोफ्रा आर्चर जैसे तेज गेंदबाज अपनी पेस और एक्सट्रा बाउंस से उन्हें बार-बार फंसा रहे हैं। वैभव को इस कमजोरी पर तुरंत काम करना होगा, वरना आने वाले दौरों में और मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
अब तक का प्रदर्शन
इंग्लैंड के खिलाफ पहले टी20 मैच में वैभव ने 10 गेंदों पर दो छक्कों की मदद से 14 रन बनाए। दूसरे मैच में उन्होंने 5 गेंदों पर 13 रन (दो छक्के) और तीसरे मैच में 10 गेंदों पर एक चौके और एक छक्के की मदद से 15 रन बनाए। तीनों ही मुकाबलों में उन्हें अच्छी शुरुआत मिली, लेकिन वह उसे बड़ी पारी में बदलने में नाकाम रहे।









