
इटावा: उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में स्थित प्रतिष्ठित सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी से जुड़ा एक बेहद सनसनीखेज और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहाँ यूनिवर्सिटी की एक महिला कर्मचारी सरिता यादव ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर एक अमीर परिवार के युवक को फंसाने और उससे मोटी रकम वसूलने के उद्देश्य से फर्जी किडनैपिंग और दुष्कर्म की कहानी रच डाली। हालांकि, पुलिस की मुस्तैदी और सटीक जांच ने इस पूरी साजिश का भंडाफोड़ कर दिया है।

500 किलोमीटर दूर थी युवक की लोकेशन, ऐसे खुला राज
मामले की शुरुआत तब हुई जब सरिता यादव ने एक संपन्न परिवार के युवक पर खुद के अपहरण और दुष्कर्म के गंभीर आरोप लगाए। शिकायत मिलते ही पुलिस हरकत में आई और जब वैज्ञानिक साक्ष्यों व सर्विलांस की मदद ली गई, तो पता चला कि आरोपी युवक घटना के कथित समय पर पीड़िता से करीब 500 किलोमीटर दूर मौजूद था पुलिस जांच में सामने आया कि सरिता यादव ने जिस युवक पर गंभीर आरोप लगाए, वह घटना के समय उससे करीब 500 किलोमीटर दूर बताया जा रहा था। सरिता ने पुलिस को गलत लोकेशन बताकर लगातार गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन बताए गए स्थानों पर छापेमारी में पुलिस को कोई ठोस सुराग नहीं मिला आरोप है कि पुलिस को गलत लोकेशन बताकर गुमराह करने की कोशिश की गई। जब पुलिस ने बताए गए स्थानों पर छापेमारी की, तो वहां से कोई ठोस सुराग नहीं मिला।
शॉर्टकट से अमीर बनने की चाहत ने पहुंचाया जेल
लोकेशन और बयानों में भारी विरोधाभास मिलने पर पुलिस का शक सरिता यादव पर गहरा गया। जब कड़ाई से पूछताछ और गहराई से जांच की गई, तो कथित फर्जीवाड़े की यह पूरी कहानी ताश के पत्तों की तरह ढह गई। इसके बाद पुलिस को सरिता यादव पर ही शक हुआ। जब मामले की गहराई से जांच की गई, तो पूरी कहानी संदिग्ध निकली और कथित फर्जीवाड़े का खुलासा हो गया।]। जांच में सामने आया है कि कम समय में शॉर्टकट से अमीर बनने और ब्लैकमेल कर पैसे वसूलने की चाह में सरिता ने इस साजिश को अंजाम दिया था। फिलहाल पुलिस ने सरिता यादव और उसके प्रेमी दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है और गिरोह के अन्य पहलुओं की जांच कर रही है फिलहाल पुलिस ने सरिता यादव और उसके प्रेमी दोनों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि इस साजिश के पीछे वसूली, ब्लैकमेलिंग या किसी और मकसद की भूमिका थी या नहीं।









