
नई दिल्ली: भारत सरकार देश में विदेशी निवेश (फॉरेन इन्वेस्टमेंट) की रफ्तार को तेज करने के लिए एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाने जा रही है। सरकार भारतीय सरकारी बॉन्ड में निवेश करने वाले विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) पर लगने वाले कैपिटल गेन टैक्स को पूरी तरह से खत्म करने की तैयारी में है। सरकार के इस बड़े फैसले का मुख्य उद्देश्य देश में विदेशी पूंजी को आकर्षित करना, भारतीय रुपये को मजबूती प्रदान करना और घरेलू बॉन्ड बाजार को वैश्विक निवेशकों के लिए अधिक आकर्षक व प्रतिस्पर्धी बनाना है।
🚨 बड़ी खबर | विदेशी निवेशकों को बड़ा टैक्स तोहफा 🚨
— भारत समाचार | Bharat Samachar (@bstvlive) June 4, 2026
सरकारी बॉन्ड पर टैक्स खत्म करने की तैयारी, विदेशी निवेशकों के लिए खुलेंगे भारत के दरवाजे
भारत सरकार ने विदेशी निवेश बढ़ाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। सरकार भारतीय सरकारी बॉन्ड में निवेश करने वाले विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों… pic.twitter.com/wS6tXUZKzD
मौजूदा टैक्स व्यवस्था के तहत, विदेशी निवेशकों को भारतीय बॉन्ड में किए गए निवेश पर 12.5 प्रतिशत तक का लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (LTCG) टैक्स चुकाना पड़ता है। सरकार अब इस टैक्स को समाप्त करने पर गंभीरता से विचार कर रही है। इसके साथ ही, सामने आई विभिन्न रिपोर्ट्स के मुताबिक, विदेशी निवेशकों को बॉन्ड के ब्याज पर लगने वाले 20 प्रतिशत के विदहोल्डिंग टैक्स में भी आने वाले दिनों में बड़ी राहत मिल सकती है। सरकार के इस कदम से वैश्विक निवेशकों के लिए भारत के दरवाजे और अधिक सुगमता से खुलेंगे, जिससे भारतीय अर्थव्यवस्था में विदेशी मुद्रा का प्रवाह बढ़ने की उम्मीद है।









