
मध्य प्रदेश: मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के सरायछौला थाना क्षेत्र अंतर्गत हेतमपुर-धौलपुर रेलखंड पर रविवार शाम एक बेहद दर्दनाक और रूह कंपा देने वाला रेल हादसा सामने आया है। चलती ट्रेन में केवल एक अफवाह की वजह से मची भगदड़ और दहशत ने चार मासूम यात्रियों की जान ले ली। यह हृदयविदारक हादसा तब हुआ जब खजुराहो-उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस में अचानक आग लगने की अफवाह फैल गई, जिससे घबराकर अपनी जान बचाने के लिए पटरियों पर कूदे यात्री सीधे मौत के मुंह में जा समाए।
जानकारी के अनुसार, रविवार शाम करीब 4:15 बजे खजुराहो-उदयपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस के एक जनरल कोच में किसी यात्री द्वारा अलार्म चेन पुलिंग (ACP) की गई, जिसके कारण ट्रेन बीच रास्ते में ही रुक गई। इसी दौरान कोच के भीतर किसी यात्री के मोबाइल फोन से धुआं निकलने या अत्यधिक गर्म होने की बात सामने आई। देखते ही देखते यह चर्चा पूरे डिब्बे में आग लगने की अफवाह में बदल गई और यात्रियों में भारी दहशत फैल गई।
पातालकोट एक्सप्रेस की चपेट में आए यात्री, मची चीख-पुकार
अफवाह के कारण डिब्बे में अफरा-तफरी मच गई और जान बचाने की जद्दोजहद में कई यात्री ट्रेन से उतरकर रेलवे ट्रैक पर पहुंच गए। दुर्भाग्यवश, उसी समय दूसरी लाइन पर फिरोजपुर-सिवनी पातालकोट एक्सप्रेस बेहद तेज रफ्तार से वहां से गुजर रही थी। पटरी पर मौजूद यात्रियों को संभलने का मौका ही नहीं मिला और तेज गति से आ रही ट्रेन की चपेट में आने से तीन महिलाओं और एक मासूम बच्चे की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
हादसे की सूचना मिलते ही रेलवे प्रशासन, आरपीएफ (RPF), जीआरपी (GRP) और स्थानीय पुलिस की टीमें भारी बल के साथ तुरंत हेतमपुर स्टेशन के पास घटनास्थल पर पहुंचीं। प्रशासन द्वारा युद्ध स्तर पर राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया गया है। रेलवे ने मृतकों के परिजनों को हर संभव सहायता देने का आश्वासन जारी किया है। हालांकि रेलवे अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि ट्रेन में आग नहीं लगी थी, यह केवल एक मोबाइल फोन से शुरू हुई अफवाह थी। फिलहाल हादसे के वास्तविक और सटीक कारणों का पता लगाने के लिए मामले की उच्च स्तरीय विस्तृत जांच के आदेश दे दिए गए हैं।









