
मध्य प्रदेश की सियासत में एक बार फिर जमीन से जुड़े कथित विवादों को लेकर राजनीतिक पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और भारतीय जनता पार्टी की नीतियों पर अब तक का सबसे तीखा और सीधा हमला बोला है। जीतू पटवारी ने उज्जैन के महाकाल क्षेत्र में जमीन से जुड़े मामलों और अयोध्या में चढ़ावे को लेकर सोशल मीडिया और मीडिया बयानों के जरिए बीजेपी की ‘हिंदुत्व वाली राजनीति’ को घेरा है। उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन यादव के तत्काल इस्तीफे की मांग करते हुए पूरे मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के मौजूदा या सेवानिवृत्त जज से कराने की वकालत की है।
मुख्यमंत्री और उनके परिवार के जमीन सौदे सार्वजनिक करने की मांग
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि एक तरफ धार्मिक स्थलों की बात की जाती है, तो दूसरी तरफ अयोध्या में चढ़ावा चोरी और महाकाल उज्जैन में जमीन से जुड़े बड़े घालमेल सामने आ रहे हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा, “यही बीजेपी की हिंदुत्व वाली राजनीति का असली चेहरा है।” पटवारी ने मांग की है कि डॉ. मोहन यादव के मुख्यमंत्री बनने के बाद से लेकर अब तक उनके और उनके परिवार द्वारा जमीन खरीद-फरोख्त के जितने भी मामले सामने आए हैं या जितने भी सौदे किए गए हैं, उन सभी के दस्तावेजों को तुरंत सार्वजनिक किया जाना चाहिए ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके।
कांग्रेस बनाएगी बड़ा राजनीतिक मुद्दा, बीजेपी का पलटवार तय
जीतू पटवारी के इस बेहद आक्रामक रुख से साफ है कि कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर सड़क से लेकर सदन तक प्रदेश सरकार को घेरने की पूरी रणनीति बना चुकी है। उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का गृह क्षेत्र है, ऐसे में वहां के जमीन मामलों को लेकर सीधा आरोप लगाना मध्य प्रदेश की राजनीति में एक नए टकराव को जन्म दे रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस बयान को लेकर कांग्रेस और बीजेपी के बीच जुबानी जंग और तेज होगी। हालांकि, बीजेपी ने हमेशा इन आरोपों को मनगढ़ंत और राजनीति से प्रेरित बताते हुए खारिज किया है।









