
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए भारतीय जनता पार्टी की अंदरूनी राजनीति और कानून-व्यवस्था को लेकर अब तक का सबसे बड़ा और तीखा हमला बोला है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर विपक्ष द्वारा लगाए जा रहे जमीन से जुड़े आरोपों पर अखिलेश यादव ने उनका बचाव करते हुए इसे भाजपा की अपनी ही एक सोची-समझी साजिश करार दिया। अखिलेश यादव ने दावा किया कि यह पूरा खेल दरअसल तीन राज्यों के मुख्यमंत्रियों को उनके पद से हटाने के लिए रचा जा रहा है।
मध्य प्रदेश, राजस्थान के बाद यूपी के मुख्यमंत्री को हटाने की साजिश
अखिलेश यादव ने सीधे शब्दों में कहा, “मोहन यादव को बदनाम करने के लिए भाजपा ने खुद ही साजिश रची है। यह आरोप इसलिए लग रहे हैं क्योंकि भाजपा तीन मुख्यमंत्री बदलने का रास्ता ढूंढ रही है। इन्हें पहले मध्य प्रदेश और राजस्थान के मुख्यमंत्री को हटाना है और इन दो को हटाने के बाद इनका असली निशाना उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को हटाना है।” उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता इस बार सपा की ‘साइकिल’ को इतनी तेज चलाएगी कि मुख्यमंत्री अपने आप ही हट जाएंगे।
अलीगंज कोचिंग हादसे पर घेरा, बोले- ‘भ्रष्टाचार की वजह से गईं जानें’
लखनऊ के अलीगंज (पुरनिया) में हुए भीषण कोचिंग सेंटर अग्निकांड पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए सपा प्रमुख ने योगी सरकार को भ्रष्टाचार के मुद्दे पर आड़े हाथों लिया। अखिलेश यादव ने कहा, “इतनी बड़ी संख्या में होनहार छात्रों की जान चली जाना बेहद दुखद है। सच्चाई यह है कि उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार सभी मानकों के ऊपर पहुंच चुका है। जब सरकार ही भ्रष्टाचार से बनेगी, तो नीचे भ्रष्टाचार ही होगा और उसी का परिणाम है कि आज मासूमों की जानें जा रही हैं।” उन्होंने सवाल उठाया कि आवासीय क्षेत्रों (रेजिडेंशियल एरिया) में धड़ल्ले से कमर्शियल गतिविधियां चल रही हैं, तो आखिर जिम्मेदार अफसर पैसे लेकर इन्हें फायर एनओसी कैसे जारी कर रहे हैं?
SIT जांच पर खड़े किए सवाल, अयोध्या मुद्दे को भी उछाला
सरकार द्वारा गठित हाई लेवल एसआईटी जांच को अखिलेश यादव ने महज एक दिखावा और अधिकारियों को बचाने का तरीका बताया। उन्होंने कहा, “जब भी सरकार को अपनी कमियां छिपानी होती हैं, तो वे एसआईटी का गठन कर देते हैं। कुछ लोग सिर्फ कैमरों के सामने घड़ियाली आंसू बहा रहे हैं।” इसके अलावा, उन्होंने अयोध्या राम मंदिर से 200 किलो चांदी की शिला गायब होने का गंभीर मुद्दा भी उठाया। लखनऊ में बड़े मंगल के अवसर पर होने वाले भंडारों पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि ऐसी अनूठी और खूबसूरत परंपरा पूरे देश में सिर्फ लखनऊ में ही देखने को मिलती है।









