नई टिहरी में सरकारी फ्लैटों पर मंडराया खतरा… अवैध भू-कटान मामले में पूर्व मंत्री की पत्नी पर दर्ज केस…

नई टिहरी में अवैध भू-कटान से सरकारी फ्लैटों पर संकट! पूर्व मंत्री की पत्नी अंबिका सजवाण पर केस दर्ज। प्रशासन ने शुरू की सुरक्षा दीवार की प्रक्रिया। पूरी जानकारी यहां पढ़ें।

जिला मुख्यालय नई टिहरी में अवैध भू-कटान का एक बड़ा मामला सामने आया है, जिससे सरकारी फ्लैटों में रह रहे दर्जनों परिवारों की सुरक्षा दांव पर लग गई है। यह मामला पूर्व कैबिनेट मंत्री शूरवीर सिंह सजवाण की पत्नी अंबिका सजवाण द्वारा खरीदे गए भूखंडों पर की गई अनियंत्रित खुदाई से जुड़ा है।

क्या है पूरा मामला?

नई टिहरी के ब्लॉक-सी स्थित भूखंड संख्या पी-06 और पी-07 पर अंबिका सजवाण द्वारा किए गए भारी भू-कटान के कारण आसपास की जमीन धंसने लगी है। प्रशासन का कहना है कि यह कटान इतना अनियंत्रित और गहरा है कि इससे ऊपर बने सरकारी फ्लैटों की नींव कमजोर हो गई है। भू-धंसाव के कारण कभी भी कोई बड़ी अनहोनी हो सकती है, जिसे देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है।

प्रशासन की कार्रवाई

प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से प्रभावित क्षेत्र में बैरिकेडिंग कर दी है और लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी है। इसके अलावा, सरकारी फ्लैटों में रह रहे प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मौके पर स्थिति को नियंत्रित करने और भू-धंसाव को रोकने के लिए लोक निर्माण विभाग (PWD) की देखरेख में सुरक्षा दीवार (Retaining Wall) का निर्माण कार्य भी युद्धस्तर पर शुरू किया गया है।

कानूनी शिकंजा

इस मामले को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। परगना मजिस्ट्रेट न्यायालय, टिहरी गढ़वाल में ‘उत्तराखंड सरकार बनाम अंबिका सजवाण’ के तहत वाद संख्या 02/2026 दर्ज किया गया है। बीएनएसएस (BNSS) की धारा 152 के तहत मामला दर्ज होने के बाद अब प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों का दावा है कि भूखंड की खरीद और वहां कराए गए कार्यों में भी अनियमितताएं पाई गई हैं, क्योंकि संबंधित व्यक्ति मूल विस्थापित पात्र नहीं है।

फिलहाल, जिला प्रशासन इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रहा है। प्रशासन का स्पष्ट कहना है कि किसी भी प्रकार की जन-धन की हानि को रोकने के लिए दोषी के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे। स्थानीय निवासियों के बीच फ्लैट्स की सुरक्षा को लेकर चिंता का माहौल है और वे प्रशासन से जल्द से जल्द ठोस समाधान की उम्मीद कर रहे हैं।

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