
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को सख्त रुख अपनाते हुए कॉमेडियन समय रैना समेत कुल पांच कॉमेडियंस और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स पर तीन-तीन लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। इनमें विपुल गोयल, बलराज परमजीत सिंह घई, सोनाली ठक्कर और निशांत तंवर के नाम शामिल हैं। कोर्ट ने सभी को दो हफ्ते के भीतर यह राशि जमा कराने का निर्देश दिया और चेतावनी दी कि आदेश का पालन न करने पर जुर्माने की रकम बढ़ाई जा सकती है। यह जुर्माना कोर्ट के उस पूर्व आदेश के उल्लंघन पर लगाया गया, जिसमें कहा गया था कि ये सभी अपने शो के दौरान दो दिव्यांगजनों को शामिल करेंगे।
क्या है पूरा मामला?
सीजेआई सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाला बागची और जस्टिस वी मोहन की बेंच क्योर एसएमए इंडिया फाउंडेशन की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। याचिका में आरोप लगाया गया कि समय रैना रीढ़ की एक गंभीर बीमारी के महंगे इलाज और उस बीमारी से पीड़ित दिव्यांगों का मजाक उड़ा रहे थे। इसके अलावा याचिका में ऐसे ऑनलाइन कंटेंट के प्रसारण के लिए सख्त नियम बनाने की मांग की गई, जो दिव्यांगों के जीवन और सम्मान के अधिकार का उल्लंघन करता हो। नवंबर 2025 में कोर्ट ने रैना और अन्य कॉमेडियंस को निर्देश दिया था कि वे हर महीने कम से कम दो इवेंट आयोजित कर दिव्यांग व्यक्तियों के इलाज के लिए बने कोष में धन जुटाएं और दिव्यांग लोगों को अपने कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए प्रेरित करें।
ये कैसे यूथ आइकॉन हैं?
जुर्माना लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा, “हमें लगता है कि कॉमेडियन समय रैना ने अदालत को गंभीरता से नहीं लिया है। उसने हमारे आदेशों का खुल्लम-खुल्ला उल्लंघन किया है।” शीर्ष अदालत ने यूट्यूबर रणवीर अलाहाबादिया को भी फटकार लगाते हुए कहा कि ये दोनों खुद को युवाओं का आदर्श मानते हैं, लेकिन यह समझ नहीं आता कि ये किस तरह के यूथ आइकॉन हैं। इस पर सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि हमारे युवाओं के पास इनसे बेहतर रोल मॉडल्स मौजूद हैं।
कोर्ट में क्या-क्या हुआ?
याचिकाकर्ता संगठन की ओर से सीनियर एडवोकेट अपराजिता सिंह ने दावा किया कि समय रैना ने कभी भी किसी दिव्यांग व्यक्ति को शो में बुलाने के लिए संपर्क नहीं किया। जब रैना के वकील ने बताया कि दिव्यांगों के लिए नौ लाख रुपये जुटाए गए हैं, तो संगठन की वकील ने साफ कहा कि हमें उनसे कोई पैसा नहीं चाहिए। इस पर बेंच ने रैना के वकील से तीखे लहजे में कहा, “आपको मिस अपराजिता सिंह के क्लाइंट को बुलाकर शो करना चाहिए था। अब आप यह संदेश दे रहे हैं कि उन्हें खरीदने की कोशिश कर रहे हैं।” सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल ने यह भी बताया कि समय रैना ने एक नया शो शुरू करते हुए नींबू-मिर्ची लटकाई और पुरानी सीरीज से अलग कुछ नया करने का दावा किया, जो स्पष्ट रूप से कोर्ट के आदेश का उल्लंघन दर्शाता है।









