अमिताभ बच्चन के इस सुपरहिट गाने का रबींद्रनाथ टैगोर से क्या कनेक्शन है? जानें अनकहा किस्सा…

अमिताभ बच्चन के मशहूर गाने 'छूकर मेरे मन को' के पीछे का अनकहा किस्सा। जानिए कैसे रबींद्रनाथ टैगोर की रचना से प्रेरित है यह सदाबहार गाना और क्या है इसका रबींद्र संगीत से कनेक्शन।

हिंदी सिनेमा में कुछ गाने ऐसे होते हैं जो समय के साथ पुराने नहीं होते, बल्कि और अधिक मखमली और गहरे हो जाते हैं। अमिताभ बच्चन की फिल्म ‘याराना’ (1981) का सदाबहार गाना ‘छूकर मेरे मन को किया तूने क्या इशारा’ कुछ ऐसा ही जादू बिखेरता है। आज भी जब यह गाना बजता है, तो सुनने वाले का मन सुकून से भर जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस सुकून के पीछे एक महान साहित्यिक प्रेरणा छिपी है?

रबींद्र संगीत से जुड़ा है गहरा नाता

बहुत कम लोग जानते हैं कि किशोर कुमार की जादुगी आवाज में पिरोया गया यह गाना पूरी तरह से मौलिक नहीं है। इसकी जड़ें नोबेल पुरस्कार विजेता गुरुदेव रबींद्रनाथ टैगोर के एक अत्यंत प्रसिद्ध ‘रबींद्र संगीत’ में समाहित हैं। संगीतकार राजेश रोशन ने टैगोर की मशहूर बंगाली रचना “तुमार होलो शुरू, आमार होलो सारा” की धुन से प्रेरित होकर इस गाने की रचना की थी।

कैसे तैयार हुआ यह कालजयी गीत?

गाने की शुरुआती दो लाइनें सीधे तौर पर रबींद्र संगीत की उस अमर रचना से ली गई हैं। फिल्म ‘याराना’ में अमिताभ बच्चन और अमजद खान की गहरी दोस्ती को दर्शाने वाले इस गाने को गीतकार अंजान ने लिखा था। राजेश रोशन ने बंगाली संगीत की सादगी और उसकी रूहानी गहराई को हिंदी सिनेमा के मिजाज में ढालने का जो अद्भुत काम किया, उसने इसे एक ‘कल्ट क्लासिक’ का दर्जा दिला दिया।

सालों बाद भी बरकरार है जादू

साल 1981 में आई फिल्म ‘याराना’ न केवल अपनी कहानी के लिए बल्कि अपने संगीत के लिए भी याद की जाती है। अमिताभ बच्चन की एंग्रीयंगमैन वाली इमेज से इतर, इस गाने में उनकी सादगी और किशोर दा की मखमली आवाज का संगम ऐसा रहा कि यह गाना हर उस व्यक्ति की प्लेलिस्ट में शामिल हो गया, जो संगीत में सुकून ढूंढता है। आज 45 साल बीत जाने के बाद भी, यह गाना उतनी ही ताजगी और इमोशन के साथ सुना जाता है।

यह गाना इस बात का बेहतरीन उदाहरण है कि कैसे महान साहित्य का सहारा लेकर संगीत की दुनिया में नए कीर्तिमान रचे जा सकते हैं। रबींद्रनाथ टैगोर की विरासत और भारतीय सिनेमा का यह मिलन आज भी संगीत प्रेमियों के दिलों पर राज कर रहा है।

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