
नई दिल्ली। ट्रेन के एसी कोच में सफर करने वाले यात्रियों की सुविधा के लिए दिए जाने वाले कंबल, चादर और तौलिए अब भारतीय रेलवे के लिए सबसे बड़ा सिरदर्द बन चुके हैं। आरटीआई से मिले आंकड़ों के अनुसार, जनवरी 2022 से मई 2026 के बीच रिजर्वेशन कोच से 1.27 करोड़ बेडरोल चोरी हो चुके हैं। इस चोरी को रोकने के लिए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि अगले दो महीने के भीतर एक नया और मजबूत सिस्टम लाया जाएगा, हालांकि फिलहाल इसकी पूरी जानकारी गुप्त रखी गई है।
रेलवे के 8 नए ऐतिहासिक सुधार
रेल मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में रेलवे में पहले ही 9 बड़े सुधार किए जा चुके हैं और अब 8 नए रिफॉर्म्स पेश किए गए हैं।
राख का सुरक्षित परिवहन: देश में हर साल करीब 96 मिलियन टन फ्लाई ऐश का इस्तेमाल होता है, जिसे खुले में ले जाने से प्रदूषण फैलता था। अब इसे विशेष बंद कंटेनरों में भेजा जाएगा, जिससे धूल नहीं उड़ेगी और पर्यावरण सुरक्षित रहेगा।
फर्टिलाइजर की ढुलाई हुई आसान: खाद की ढुलाई में रेलवे की 85 प्रतिशत हिस्सेदारी है, लेकिन किराया तय करने के 50 अलग-अलग नियम थे। अब मालभाड़ा सीधे ‘प्रति टन प्रति किलोमीटर’ के हिसाब से तय होगा और खाद को कंटेनरों में भी भेजा जा सकेगा।
अब कंटेनर में जाएगा अनाज: पारंपरिक बोरियों में अनाज ले जाने के दौरान 4-5 प्रतिशत तक बर्बादी हो जाती थी। अब अनाज और दालों को पूरी तरह बंद कंटेनरों में भेजा जाएगा और किराया ‘प्रति टन प्रति किलोमीटर’ के पारदर्शी नियम से तय होगा।
कंटेनर बिजनेस के लिए एक ही लाइसेंस: रेलवे अब ‘यूनिफाइड लाइसेंस’ व्यवस्था ला रहा है, जिसके तहत एक ही लाइसेंस से सभी तरह के कंटेनर चलाए जा सकेंगे। यह नीति अगले 20 सालों तक लागू रहेगी।
रेल मजदूरों को मिलेगा स्किल सर्टिफिकेट: रेलवे परियोजनाओं में काम करने वाले श्रमिकों के लिए ‘रेलवे स्किल सर्टिफिकेशन फ्रेमवर्क’ लागू किया जाएगा, जिससे केवल प्रशिक्षित और कुशल लोगों को ही काम मिलेगा और हादसों का खतरा कम होगा।
ठेकेदारों के नियमों में बदलाव: काम शुरू होने पर ठेकेदारों को 10 प्रतिशत परफॉर्मेंस सिक्योरिटी देनी होगी और उनके लिए इंश्योरेंस अनिवार्य कर दिया गया है, जिससे परियोजनाएं समय पर पूरी हों।
प्राइवेट कंपनियों को मिली वैगन डिजाइन की आजादी: अब कोई भी बड़ी कंपनी या उद्योग अपनी जरूरत के हिसाब से मालगाड़ी के डिब्बे का डिजाइन खुद तैयार कर सकता है और रेलवे की सुरक्षा टीम जांच के बाद इसे मंजूरी देगी।
तेल और पेट्रोलियम की ढुलाई का आधुनिकीकरण: बड़ी तेल कंपनियां अब अपनी जरूरत के हिसाब से विशेष टैंक वैगन खुद डिजाइन करवा सकती हैं और इन्हें लीज पर भी ले सकती हैं, जिससे तेल सप्लाई तेज होगी।
रेल मंत्री ने कहा कि इन सुधारों का एकमात्र मकसद भारतीय रेलवे को दुनिया का सबसे आधुनिक रेल नेटवर्क बनाना है और मोदी सरकार का पूरा फोकस पारदर्शिता, सुरक्षा और दक्षता बढ़ाने पर है।









