पीएम मोदी और पीयूष गोयल के AI फर्जी वीडियो का सच आया सामने, PIB ने बताया कौन फैला रहा भ्रम, जानिए कैसे हुआ पूरा खेल?

नई दिल्ली। प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के एआई-जेनरेटेड फर्जी वीडियो का भंडाफोड़ करते हुए बड़ा खुलासा किया है। PIB की फैक्ट चेक यूनिट ने इन वीडियो को पूरी तरह फर्जी करार देते हुए बताया कि गलत सूचना और भ्रामक जानकारी फैलाने के लिए इन्हें पाकिस्तानी प्रोपेगैंडा नेटवर्क द्वारा प्रसारित किया जा रहा है।

कैसे की गई वीडियो से छेड़छाड़?

PIB के अनुसार, प्रोपेगैंडा हैंडल्स ने पीएम मोदी के गुरुवार रात के उस वीडियो को डिजिटल रूप से बदल दिया, जिसमें उन्होंने पेपर लीक के खिलाफ सख्त कार्रवाई का वादा किया था।

इसी तरह, संसद के बाहर दिए गए पीयूष गोयल के बयान को भी एडिट कर ऐसा बना दिया गया, जैसे वे प्रदर्शनकारी छात्रों को धमका रहे हों और गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दे रहे हों।

पीयूष गोयल ने दर्ज कराई FIR

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को बताया कि उन्होंने इस फर्जी डीपफेक वीडियो के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज करा दी है। चाणक्यपुरी पुलिस स्टेशन में एफआईआर (नंबर 123/26) दर्ज की गई है और इस फर्जी क्लिप को बनाने, फैलाने या बढ़ावा देने वाले हर व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। गोयल ने कहा कि जनता को गुमराह करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का गैर-जिम्मेदाराना दुरुपयोग किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

PIB ने की सतर्क रहने की अपील

PIB ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी भ्रामक या छेड़छाड़ की गई सामग्री की शिकायत +91 87997 11259 पर या factcheck@pib.gov.in पर ईमेल करके कर सकते हैं। गोयल ने भरोसा जताया कि भारत के जागरूक और तकनीक को समझने वाले नागरिक, खासकर युवा, इस तरह की गलत सूचनाओं के झांसे में नहीं आएंगे।

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