गर्दन में अकड़न और दर्द का कारण कहीं गलत तकिया तो नहीं? जानिए सोने का सही तरीका

डेस्क : दिनभर लंबे समय तक एक ही जगह बैठकर काम करने, गलत पॉश्चर या लगातार स्क्रीन देखने की वजह से गर्दन में अकड़न और दर्द की शिकायत हो सकती है। कई बार यह परेशानी लगातार बनी रहने पर सर्वाइकल पेन जैसी समस्या का रूप ले सकती है। ऐसे में कुछ लोग घरेलू उपायों का सहारा लेते हैं और मानते हैं कि बिना तकिये के सोने से गर्दन को आराम मिल सकता है। लेकिन क्या वाकई तकिया छोड़ देना गर्दन के दर्द का समाधान है?

दरअसल, बिना तकिये के सोना हर व्यक्ति के लिए गर्दन के दर्द का इलाज नहीं माना जा सकता। सोते समय गर्दन और रीढ़ की प्राकृतिक स्थिति को बनाए रखना जरूरी होता है। तकिये का मुख्य काम सिर और गर्दन को ऐसा सहारा देना है, जिससे शरीर की स्थिति आरामदायक बनी रहे।

बता दे कि अगर कोई व्यक्ति पीठ के बल सोता है और उसका गद्दा काफी सख्त है, तो बिना तकिये के सिर पीछे की ओर झुक सकता है। इससे गर्दन की प्राकृतिक स्थिति प्रभावित हो सकती है और मांसपेशियों पर अतिरिक्त खिंचाव पड़ सकता है। ऐसे में सुबह उठने के बाद दर्द या अकड़न कम होने के बजाय बढ़ भी सकती है।

वही करवट लेकर सोने वालों के लिए भी गर्दन का सही सपोर्ट महत्वपूर्ण है। इस स्थिति में कंधे और सिर के बीच की दूरी के कारण गर्दन एक तरफ झुक सकती है। अगर तकिया उचित सहारा नहीं देता, तो लंबे समय तक गर्दन गलत एंगल पर रहने से असहजता और दर्द बढ़ सकता है।

इसलिए गर्दन के दर्द में केवल तकिया छोड़ देना समाधान नहीं है। सोने की सही स्थिति और गर्दन को मिलने वाला उचित सपोर्ट ज्यादा महत्वपूर्ण है। ऐसा तकिया चुना जाना चाहिए जो न बहुत ऊंचा हो और न ही जरूरत से ज्यादा पतला। तकिये की ऊंचाई व्यक्ति की सोने की पोजिशन और शरीर की बनावट के अनुसार अलग हो सकती है।

अगर गर्दन का दर्द लगातार बना रहता है, हाथों में झनझनाहट या कमजोरी महसूस होती है, या दर्द बढ़ रहा है, तो केवल घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय डॉक्टर या फिजियोथेरेपिस्ट से सलाह लेना उचित है।

डिस्क्लेमर: आर्टिकल में दी गई सलाह और सुझाव सिर्फ़ आम गाइडेंस के लिए हैं और इन्हें प्रोफेशनल मेडिकल सलाह नहीं मानना ​​चाहिए। अगर आपके कोई सवाल या चिंताएं हैं, तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।

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