Health Tips : कटे हुए आलू काले क्यों पड़ते हैं? जानिए क्या ऐसे आलू खाना सुरक्षित है और बचाने के आसान तरीके

आलू लगभग हर भारतीय रसोई में रोजाना इस्तेमाल होने वाली सब्जी है। इससे स्नैक्स से लेकर सब्जी और कई तरह की दूसरी डिश तैयार की जाती हैं। यही वजह है कि कई बार खाना बनाने की तैयारी पहले से शुरू कर दी जाती है और आलू को छीलकर काटकर रख दिया जाता है। लेकिन कुछ देर बाद जब इन कटे हुए आलू को देखा जाता है तो उन पर भूरे या काले धब्बे नजर आने लगते हैं।

देखने में ये आलू भले ही खराब लगने लगें, लेकिन सिर्फ रंग बदलने का मतलब यह नहीं है कि वे खाने लायक नहीं रहे। कटे हुए आलू का रंग बदलने के पीछे आमतौर पर ऑक्सीडेशन की प्रक्रिया होती है।

कटे हुए आलू का रंग क्यों बदल जाता है?

आलू में स्टार्च की मात्रा काफी होती है। जब आलू को काटकर हवा के संपर्क में छोड़ दिया जाता है, तो उसमें मौजूद कुछ तत्व ऑक्सीजन के साथ प्रतिक्रिया करते हैं। इसी प्रक्रिया के कारण धीरे-धीरे आलू का रंग भूरा पड़ने लगता है।

अगर कटे हुए आलू को लंबे समय तक खुला छोड़ दिया जाए तो उन पर ब्राउन पैच दिखाई देने लगते हैं। आमतौर पर सिर्फ इस तरह रंग बदलने से आलू के स्वाद या टेक्सचर पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ता।

कटे हुए आलू को ज्यादा देर खुला न छोड़ें

आलू को काला होने से बचाने का सबसे आसान तरीका है कि उन्हें जरूरत से बहुत पहले काटकर न रखें। अगर खाना बनाने से ठीक पहले आलू को छीलकर काटा जाए तो रंग बदलने की संभावना कम रहती है।

कटे हुए आलू जितनी देर हवा के संपर्क में रहेंगे, ऑक्सीडेशन की प्रक्रिया उतनी ही तेजी से आगे बढ़ सकती है। इसलिए कोशिश करें कि आलू काटने और खाना बनाने के बीच बहुत ज्यादा अंतर न हो।

ठंडे पानी में रखें कटे हुए आलू

अगर किसी वजह से आलू पहले ही काटकर रखने पड़ रहे हैं तो उन्हें एक बर्तन में ठंडे पानी के अंदर रखा जा सकता है। इससे कटे हुए आलू सीधे हवा के संपर्क में नहीं रहते और उनका रंग जल्दी नहीं बदलता।

ठंडा पानी आलू से अतिरिक्त स्टार्च हटाने में भी मदद करता है, जिससे ऑक्सीडेशन की प्रक्रिया धीमी पड़ सकती है। इस दौरान गर्म पानी का इस्तेमाल करने से बचना बेहतर है। कटे हुए आलू रखने के लिए ठंडे पानी का इस्तेमाल किया जा सकता है।

पानी में मिलाएं थोड़ा नींबू का रस

अगर कटे हुए आलू को ठंडे पानी में रखा जा रहा है तो उसमें थोड़ा नींबू का रस भी मिलाया जा सकता है। नींबू अम्लीय होता है और पानी का पीएच स्तर कम करने में मदद करता है। इससे ऑक्सीडेशन की प्रक्रिया धीमी हो सकती है और आलू कुछ ज्यादा समय तक सामान्य रंग में रह सकते हैं।

अगर घर में नींबू उपलब्ध नहीं है तो उसकी जगह थोड़ी मात्रा में सफेद सिरके का इस्तेमाल भी किया जा सकता है।

जिपलॉक बैग में रखें

कटे हुए आलू को हवा से बचाकर रखना भी उनके रंग को बदलने से रोकने का एक आसान तरीका है। इसके लिए जिपलॉक बैग का इस्तेमाल किया जा सकता है।

आलू को बैग में रखने के बाद उसे अच्छी तरह बंद कर दें, ताकि अंदर ज्यादा हवा न रहे। हवा के संपर्क को कम करने से ऑक्सीडेशन की प्रक्रिया धीमी पड़ सकती है और आलू लंबे समय तक ताजे दिख सकते हैं।

फ्रिज में स्टोर करना भी है विकल्प

कटे हुए आलू को फ्रिज में रखना भी एक विकल्प है। ठंडा तापमान ऑक्सीडेशन की प्रक्रिया को धीमा करने में मदद कर सकता है। इसके लिए आलू को अच्छी तरह बंद होने वाले कंटेनर में रखा जा सकता है।

चाहें तो कंटेनर में पानी भरकर उसमें कटे हुए आलू रखकर फ्रिज में रख सकते हैं। इससे पहले से कटे हुए आलू के रंग को कुछ समय तक बनाए रखने में मदद मिल सकती है।

हालांकि, सबसे आसान तरीका यही है कि आलू को जरूरत से बहुत पहले न काटें। अगर पहले से काटकर रखना जरूरी हो तो उन्हें ठंडे पानी में रखें और हवा के संपर्क से बचाएं।

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