मेघालय के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने बीजेपी पर साधा निशाना, बोले- भाजपा ने देश को बर्बाद कर दिया है

मेघालय के राज्यपाल सत्यपाल मलिक सेवानिवृत होने के अगले ही दिन बागपत के अपने पैतृक गांव हिसावदा पहुंचे और भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा। सत्यपाल मलिक ने कहा कि भाजपा ने देश को बर्बाद कर दिया है। युवाओं को नौकरी नहीं, किसानों को एमएसपी नहीं, सरकार किसानों के साथ धोख़ा कर रही हैं,

रिपोर्ट- विपिन सोलंकी

डेस्क: मेघालय के राज्यपाल सत्यपाल मलिक सेवानिवृत होने के अगले ही दिन बागपत के अपने पैतृक गांव हिसावदा पहुंचे और भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा। सत्यपाल मलिक ने कहा कि भाजपा ने देश को बर्बाद कर दिया है। युवाओं को नौकरी नहीं, किसानों को एमएसपी नहीं, सरकार किसानों के साथ धोख़ा कर रही हैं, उन्होंने कहा की चौधरी साहब के बेटे जयंत चौधरी और मुलायम सिंह के बेटे की हमेशा मदद करेंगे, साथ ही उन्होंने कहा कि वे किसी भी राजनैतिक दल में शामिल नहीं होंगे और न चुनाव लड़ेंगे, लेकिन किसानों के हक की लड़ाई हमेशा लड़ते रहेंगे, उसके लिए उन्हें कही भी जाना होगा वो वहां जाएंगे।

“मेघालय के राज्यपाल से रिटायर्ड होने के अगले ही दिन अपने पैतृक गांव में लोगों को दावत देने आया हूं और ग्रामीणों से मिला जुला हूं। भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मंहगाई और बेरोजगारी है ये तो बर्बाद करके ही छोंडेगे। रिटायर्ड होने के बाद अब सब जगह जाऊंगा। किसी राजनीति दल में शामिल नही होऊंगा। चुनाव नहीं लडूंगा। किसानों की जहां लड़ाई होगी वहीं जाऊंग। जम्मू कश्मीर और मेघालय में राज्यपाल रहा हूं। अनुभव अच्छा रहा है इमानदारी से काम करो तो कुछ नहीं होग। कश्मीर में सेक्शन 370 पर महबूबा कहती थी कि खून की नदियां बह जाएंगी, लेकिन चिड़िया भी नहीं मरी है। चौधरी चरण सिंह के पौत्र जयंत चौधरी और मुलायम सिंह के बेटे अखिलेश यादव की मदद करूंगा। इन्हीं में से निकला हुआ हैं।

मुलायम सिंह की हालत मे सुधार है दो दिन पहले ही बात हुई थी। प्रधानमंत्री ने माफी मांगते हुए कानून वापस लिए थे तो एमएसपी को लागू करने की बात कहीं थी, लेकिन वादा पूरा नहीं किया। मैं ईडी आदि छापों से नहीं डरता हूं मेरे पास कुछ नहीं है क्योंकि फकीर आदमी है। कश्मीर में रहा वहां कि फाइल खुलवाकर देख लो, कुछ नहीं मिलेगा इसलिए मैं किसी से नहीं डरता हूं। युवाओं के सामने बेरोजगारी की बड़ी समस्या है फौज खत्म कर दी। चार साल के बजाए तीन साल की नौकरी हो गई । पेंशन भी नहीं होगी, इनका भविष्य खराब हो गया है। मुजफ्फरनगर में भर्ती हुई तो युवक सड़कों पर साेते थे। यह समझाे कि दस की भर्ती है तो दस हजार पहुंच जाते हैं।’

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