
बेरोजगार युवाओं को नामचीन कंपनियों में नौकरी दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपये ऐंठने वाले एक बड़े साइबर ठग गिरोह के खिलाफ नोएडा साइबर क्राइम थाना पुलिस ने एक बेहद बड़ी और कामयाब कार्रवाई की है। पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना और तकनीकी सर्विलांस के आधार पर छापेमारी करते हुए इस गिरोह के 5 सक्रिय सदस्यों को नोएडा के प्रमुख कमर्शियल हब सेक्टर-63 से गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरोह देश के विभिन्न राज्यों के युवाओं को अपना निशाना बना रहा था।
बड़ी कंपनियों का डेटा चोरी कर बुनते थे ठगी का जाल
साइबर क्राइम पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने अपने काले कारनामों का खुलासा करते हुए बताया कि वे प्रतिष्ठित जॉब पोर्टल्स और बड़ी कंपनियों के डेटाबेस से नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं का गुप्त डेटा चोरी करते थे। इसके बाद, गिरोह के सदस्य खुद को नामी कंपनियों के एचआर या अधिकारी बताकर युवाओं को फोन करते थे। विश्वास जीतने के लिए बकायदा फर्जी ऑफर लेटर और रजिस्ट्रेशन ईमेल भेजे जाते थे। इसके बाद फाइल प्रोसेसिंग, मेडिकल चेकअप और सिक्योरिटी डिपॉजिट के नाम पर अलग-अलग खातों में मोटी रकम ट्रांसफर करवा ली जाती थी।
लैपटॉप, सिम कार्ड और डेबिट कार्ड जब्त; 3 राज्यों में दर्ज हैं मुकदमे
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से ठगी में इस्तेमाल होने वाले 9 मोबाइल फोन, लैपटॉप, 17 सक्रिय सिम कार्ड और 4 विभिन्न बैंकों के डेबिट कार्ड बरामद किए हैं। पुलिस इन खातों में मौजूद पैसों और ट्रांजैक्शन की हिस्ट्री खंगाल रही है। जांच अधिकारियों ने बताया कि इस गिरोह के खिलाफ उत्तर प्रदेश, बिहार और महाराष्ट्र में अब तक 5 हाई-प्रोफाइल शिकायतें और मुकदमे पहले से दर्ज हैं। नोएडा साइबर थाना पुलिस अब पकड़े गए अपराधियों के बैंक खातों को फ्रीज करने और उनके इस नेटवर्क से जुड़े अन्य मास्टरमाइंड्स की तलाश में जुटी हुई है।









