देश मना रहा है ‘भारत के मिल्कमैन’ की 100वीं जन्म-जयंती, जानिए वर्गीज कुरियन की खास कहानियां

पद्मा विभूषण पुरस्कार से सम्मानित वर्गीज कुरियन को ‘मिल्कमैन ऑफ इंडिया’ (Milkman Of India) के नाम से भी जाना जाता है। 26 नवंबर, 2021 को वर्गीज कुरियन 100वीं जन्म-जयंती मनाई जा रही है। वर्गीज कुरियन देश की डेयरी फार्मिंग को सबसे बड़े ग्रामीण रोजगार के रूप में बदलने के लिए जाना जाता है। आज भी संपूर्ण ग्रामीण आय का एक तिहाई केवल डेयरी उद्योग प्रदान करता है। कुरियन ने डेयरी के क्षेत्र में अभूतपूर्व योगदान दिया था। भारत में इनको ‘श्वेत क्रांति के जनक’ के रूप में जाना जाता है।

वर्गीज कुरियन ने देश भर में 3.6 मिलियन किसानों के स्वामित्व से 5.3 बिलियन अमरीकी डालर के टर्नओवर वाले डेयरी उद्यम को कायम किया। भारत के सबसे बड़े खाद्य उत्पाद संगठन, अमूल ने 1998 तक देश को दुनिया का सबसे बड़ा दूध उत्पादक बना दिया। प्रत्येक व्यक्ति द्वारा उत्पादित दूध के हिस्से को दोगुना कर दिया और 30 वर्षों में दूध उत्पादन को चार गुना बढ़ा दिया। विशेष रूप से यह बात उल्लेखनीय है कि जब भारत में बहुराष्ट्रीय कंपनियों के लिए खुले बाजार और उदार अर्थव्यवस्था की अवधारणा आई उस समय वर्गीज कुरियन ने सुनिश्चित किया कि यह प्रणाली उनके इस कदम को प्रभावित ना करें।

केरल में एक संपन्न सीरियाई परिवार से आने वाले कुरियन ने देश को खाद्य तेलों के उत्पादन क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाया और तिलहन उद्योग में ‘ऑयल किंग’ के नाम से विख्यात उत्पादों के प्रभुत्व को अपने हाथ में ले लिया। उन्होंने वर्ष 1950 में गुजरात के आनंद में डेयरी सहकारी-कैरा जिला सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ लिमिटेड की स्थापना की, जिसे अमूल डेयरी के नाम से जाना जाता है।

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