दुनिया : इजराइली जासूसी तकनिकी खरीदने वाले देशों को माननी होगी यह शर्त, जानिये इजराइल को है किस बात का डर?

इजरायल ने सोमवार को कहा कि उसकी साइबर तकनीक खरीदने के इच्छुक देशों को सबसे पहले प्रतिबद्ध होना होगा कि वे इसका इस्तेमाल कुछ ही आतंकवादी कृत्यों और गंभीर अपराधों को रोकने के लिए करेंगे। इजरायल ने यह घोषणा इसलिए की क्योंकि उसे अपनी इस तकनिकी के दुरुपयोग किया जाने की आशंका लगती है।

इजरायल के रक्षा मंत्रालय द्वारा घोषित यह कदम एनएसओ ग्रुप (NSO Group) जैसी इजरायली फर्मों द्वारा बेचे जाने वाले हैकिंग टूल के विदेशों में संभावित दुरुपयोग पर चिंता के बाद अपनी निगरानी बढ़ाने में नवीनतम कदम था। इजरायल ने इस तरह की तकनिकी को खरीदने वाले देशों के लिए एक विशेष तरह की सूची जारी की है जिसमें कुछ ऐसे “आतंकवादी कृत्यों” को सूचीबद्ध किया गया है जिसपर उन देशों द्वारा इजरायली तकनिकी का उपयोग निषिद्ध होगा।

इजराइल द्वारा जारी किये गए इस सूची में लोगों पर हमले, सार्वजनिक सुविधाएं, विमान की जब्ती, खतरनाक पदार्थों की रिहाई के साथ ही साथ ऐसे “गंभीर अपराध” जिसके लिए सजा का प्रावधान छह साल या उससे अधिक की कैद के रूप में हो, पर इजरायली तकनिकी का उपयोग नहीं किया सकता। बता दें इजराइली तकनिकी खरीदने वाले राष्ट्रों को इस सूची और इससे जुड़े प्रावधानों को मानना होगा, तभी वो जासूसी तकनीकों को खरीद सकेंगे।

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