
गोपेश्वर। बदरीनाथ धाम में चढ़ावे की हेराफेरी को लेकर उठ रहे सवालों के बीच अब दान में मिली दो एंबुलेंस और एक टेंपो ट्रैवलर के लापता होने का मामला सुर्खियों में आ गया है। हालांकि, बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार और भ्रामक बताया है।
CEO ने दिया स्पष्टीकरण
बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी सोहन सिंह रांगड़ ने बताया कि मंदिर समिति की एक एंबुलेंस वर्ष 2022 में मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) रुद्रप्रयाग को दे दी गई थी, जबकि दूसरी एंबुलेंस 2016 में ही निष्प्रयोज्य हो चुकी थी और दोनों का पूरा विवरण समिति के रिकॉर्ड में दर्ज है। उन्होंने बताया कि टेंपो ट्रैवलर फिलहाल बदरीनाथ धाम से देहरादून मरम्मत के लिए लाया गया है, इसलिए वह मौके पर मौजूद नहीं है।
लैपटॉप को लेकर भी दी सफाई
रांगड़ ने कहा कि बैंकों द्वारा मंदिर समिति को दिए गए लैपटॉप का पूरा ब्योरा समिति की स्टॉक बुक में दर्ज है और किसी भी लैपटॉप के गायब होने की सूचना गलत है। उन्होंने साफ कहा कि इस संबंध में प्रसारित की जा रही जानकारियां भ्रामक हैं और मंदिर समिति अपनी सभी परिसंपत्तियों और संसाधनों का विधिवत अभिलेखीकरण और निगरानी करती है।









