भारत का गौरव: गणतंत्र दिवस 2026 पर राफेल और सुखोई-30 के साथ शानदार फ्लाईपास्ट, जानें पूरी जानकारी…

गणतंत्र दिवस 2026 पर भारतीय वायुसेना की शक्ति का भव्य प्रदर्शन होने जा रहा है, जिसमें राफेल और सुखोई-30 जैसे अत्याधुनिक विमान हिस्सा लेंगे। इस साल के फ्लाईपास्ट में इन दोनों विमानों के अलावा और भी कई शक्तिशाली एयरक्राफ्ट शामिल होंगे, जो देश की वायुसेना की ताकत को दर्शाएंगे।

दिल्ली: 26 जनवरी 2026 को भारत 77वां गणतंत्र दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाएगा। यह दिन भारतीय इतिहास में विशेष महत्व रखता है क्योंकि 26 जनवरी 1950 को भारतीय संविधान लागू हुआ था, जिससे देश एक संप्रभु, लोकतांत्रिक गणराज्य के रूप में स्थापित हुआ। गणतंत्र दिवस केवल एक राष्ट्रीय पर्व नहीं है, बल्कि यह संविधान, लोकतंत्र और नागरिक अधिकारों के प्रति हमारे सम्मान का प्रतीक है।

बता दें, इस वर्ष गणतंत्र दिवस परेड का नेतृत्व राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू करेंगी। परेड का आयोजन नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर होगा। परेड की शुरुआत सुबह 9:30 बजे से होगी और इसका सीधा प्रसारण दूरदर्शन और अन्य चैनलों पर 10:30 बजे से किया जाएगा। आम जनता के लिए प्रवेश द्वार सुबह 7 बजे से खुल जाएंगे।

बता दें, समारोह का समापन भारतीय वायुसेना के भव्य फ्लाईपास्ट से होगा, जिसमें राफेल, सुखोई-30, मिग-29, और जैगुआर जैसे अत्याधुनिक लड़ाकू विमान शामिल होंगे। इस वर्ष वायुसेना विशेष ‘सिंदूर’ फॉर्मेशन का प्रदर्शन करेगी, जो ऑपरेशन सिंदूर से जुड़े लड़ाकू विमानों पर आधारित होगा और भारत की वायु शक्ति, तकनीकी क्षमता और आत्मनिर्भरता को प्रदर्शित करेगा।

गणतंत्र दिवस परेड में इस बार 30 झांकियां शामिल होंगी, जिनमें 17 राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों की झांकियां होंगी। इसके अतिरिक्त, 13 झांकियां केंद्रीय मंत्रालयों और सेवाओं द्वारा प्रस्तुत की जाएंगी। असम की टेराकोटा कला, मणिपुर की कृषि प्रगति, हिमाचल प्रदेश की देवभूमि पहचान, और भारतीय वायुसेना की विशेष वेटरन्स झांकी प्रमुख रूप से प्रस्तुत की जाएंगी। इस वर्ष की समग्र थीम ‘स्वतंत्रता का मंत्र: वंदे मातरम्’ और ‘समृद्धि का मंत्र: आत्मनिर्भर भारत’ रखी गई है।

बता दें, गणतंत्र दिवस के अवसर पर यूरोपीय संघ के शीर्ष नेताओं को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है। यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन समारोह में शामिल होंगे।

गणतंत्र दिवस के दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर जाकर शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। इसके बाद, वह कर्तव्य पथ पर स्थित सलामी मंच पर पहुंचकर परेड का निरीक्षण करेंगे।

इस वर्ष लगभग 10,000 विशेष अतिथि गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल होंगे। इनमें पैरा एथलेटिक्स विश्व चैंपियनशिप के विजेता, प्राकृतिक खेती करने वाले किसान, पीएम-स्माइल योजना के तहत पुनर्वासित ट्रांसजेंडर और भिक्षुक, और इसरो के गगनयान और चंद्रयान मिशनों से जुड़े वैज्ञानिक शामिल होंगे।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर 25 जनवरी को शाम 7 बजे राष्ट्र को संबोधित करेंगी। यह संबोधन आकाशवाणी और दूरदर्शन के सभी चैनलों पर पहले हिंदी में और फिर अंग्रेजी में प्रसारित होगा। इसके बाद, इसे क्षेत्रीय भाषाओं में भी प्रसारित किया जाएगा।

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